Wednesday, 19 January 2011

घोटाले और आरोप से घिरे मनमोहन सिंह के कैबिनेट का म्युजिकल चेयर खत्म हुआ। इस बंदर बांट में किसके हाथ क्या आया। मंत्रियों को क्या मिला। और किस पर गिरी गाज। इस फेरबदल में जिन मंत्रियों को जोर का झटका लगा है उसमें पेट्रोलियम मंत्री मुरली देवड़ा का नाम भी शामिल है। देवड़ा से पेट्रोलियम मंत्रालय छीना जा चुका है। उनकी जगह एस जयपाल रेड्डी को पेट्रोलिमय मंत्रालय बनाया गया है। माना जा रहा है कि तेल कंपनियों के हिमायती बनने के चलते मुरली देवड़ा को अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी है। सरकार लगातार उनसे यह कह रही थी कि वे देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों को काबू में रखें, लेकिन ऐसा करने में वे पूरी तरह नाकामयाब रहे हैं। और इसकी कीमत अब उन्हे अपनी कुर्सी गंवा कर चुकानी पड़ी है। माना जा रहा है कि मुरली देवड़ा तेल कंपनियों के बड़े हिमायती थे। और वो डीजल की कीमत बढ़ाने की भी वकालत कर रहे थे। पेट्रोल और डीजल की कीमत बढ़ने से पहले ही सुरसा की तरह मुंह बाए महंगाई को और हवा मिल रही थी। मुरली देवड़ा पर पेट्रोल की कीमत कम करने का दबाव था। लेकिन वो तेल कंपनियों के फायदे और नुकसान का ज्याद ख्याल रख रहे थे। ऐसे में सरकार उनसे लगातार यही अपेक्षा कर रही थी कि वे तेल की कीमतों को काबू में कर के रखने का कोई फॉर्मूला सुझाएंगे। लेकिन मुरली देवड़ा ऐसा करने में सफल नहीं हो सके। और यही वजह है कि उनसे ये पद छीन लिया गया है।

No comments:

Post a Comment