Wednesday, 19 January 2011

अमीरों की दुनिया

2014 तक मुकेश अंबानी दुनिया के सबसे अमीर आदमी बन जाएंगे। फोर्ब्स का अनुमान है कि तब उनकी संपत्ति होगी साढ़े छे हजार करोड़ डॉलर के आसपास यानी अगर रुपए में इसे बदलें तो, ये होगा करीब तीन लाख करोड़ रुपए। अभी फोर्ब्स की जो, भारत के अमीरों की सूची आई है उसमें इस साल भी मुकेश अंबानी नंबर वन हैं। और, दुनिया की सबसे प्रभावशाली महिलाओं की लिस्ट में नंबर वन हैं भारतीय मूल की इंदिरा नूई। मशहूर पत्रिका फोर्ब्स ने दुनिया के अमीरों की सूची में इस बार टॉप टेन में दो भारतीय जगह बनाने में कामयाब हुए हैं। चौथे नंबर पर मुकेश अंबानी हैं तो, पांचवें नंबर पर स्टील किंग लक्ष्मी निवास मित्तल हैं। माइक्रोसॉफ्ट फाउंडर अमेरिकी बिल गेट्स को पछाड़कर मेक्सिको के कार्लोस स्लिम दुनिया के सबसे अमीर आदमी बने हुए हैं।
फोर्ब्स ने दुनिया के अमीरों की फेहरिस्त जारी कर दी है। इस बार की सबसे अहम बात है कि दुनिया के सबसे अमीर दस लोगों में 2 भारतीय हैं। अरबपतियों की 100 लोगों की फेहरिस्त में पहली बार अफ्रीका के दो बिजनेसमैन ने दस्तक दी है। साम्यवादी चीन के अमीरों ने भी अपनी छाप छोड़ी ही है। कभी इस फेहरिस्त में छाए रहने वाले अमेरिका और जापान जैसे देशों के अमीर अब काफी पिछड़ गए हैं। जाहिर है कि दुनिया बदल रही है, तो अमीरी का भूगोल भी बदल रहा है। कम से कम यह तो कहा ही जा सकता है कि आगे बढ़ना और कामयाब होना अब कुछ खास देशों के बिजनेसमैन की ही बपौती नहीं रहा।
फोर्ब्स के लिस्ट के अनुसार देश के सबसे अमीर कार्लोस स्लिम हैं। मेक्सिको के सत्तर साल के इस बिजनेसमैन के पास साढ़े तिरपन बिलियन डॉलर की संपत्ति है। टेलीकॉम टायकून कार्लोस स्लिम 6 बच्चों के पिता हैं। मेक्सिको यूनिवर्सिटी से आर्ट्स और साइंस में बैचलर डिग्री ली है। कार्लोस ने मेक्सिको में निजीकरण के दौर का फायदा उठाया और 1990 के दशक में मेक्सिको की नेशनल टेलीफोन कंपनी को खरीद लिया। अब कार्लोस की कंपनी को लैटिन अमेरिका की सबसे बड़ी मोबाइल फोन कंपनी अमेरिकन मोविल के मर्जर की मंजूरी भी मिल चुकी है।
वहीं माइक्रो सॉफ्ट के सीईओ बिल गेट्स इस सूची में दूसरे पायदान पर काबिज हैं। 54 साल के इस अमेरिकी बिजनेसमैन के पास कुल संपत्ति 53 बिलियन अमेरिकी डॉलर है। बिल गेट्स की कहानी तो हॉलीवुड की हिट स्टोरी हो सकती है। बिल गेट्स के 3 बच्चे हैं। बिल मेडिना, वॉशिंगटन में रहते हैं। बिल गेट्स अपनी स्कूली पढ़ाई भी पूरी नहीं कर पाए। लेकिन, माइक्रोसॉफ्ट जैसी जादुई कंपनी की शुरुआत की और दुनिया भर को www का असली मतलब समझाया। पिछले साल भर में माइक्रोसॉफ्ट का शेयर पचास परसेंट तक चढ़ा है। बिल और उनकी पत्नी मेलिंडा के नाम पर बना बिल-मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन दुनिया भर में एजुकेशन बेहतर करने की कोशिश में है और मलेरिया, टीबी और एड्स जैसी बीमारियों के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा है।  वहीं तीसरे स्थान पर हैं अमेरिका के ही वॉरेन बफे। 47 साल के इस अमेरिकी व्यापारी के पास कुल संपत्ति है 47 बिलियन अमेरिकी डॉलर। वॉरेन बफे को दुनिया का सबसे बड़ा निवेशक माना जाता है। कहा जाता है कि वॉरेन बफे दुनिया के बाजारों की नब्ज पढ़ लेते हैं। वॉरेन की कंपनी बर्कशायर हैथवे का निवेश लगभग दुनिया की हर बड़ी कंपनी में हैं। 3 बच्चों के पिता वॉरेन अमेरिका के ओमाहा में रहते हैं। वॉरेन ने कोलंबिया यूनिवर्सिटी से मास्टर ऑफ साइंस की डिग्री ली। वॉरेन की शेयर बाजार में दिलचस्पी की वजह उनके शेयर ब्रोकर पिता बने। इसके बाद नंबर आता है भारत के मुकेश अंबानी का। 52 साल के सबसे अमीर भारतीय मुकेश अंबानी के पास कुल संपत्ति है 29 बिलियन अमेरिकी डॉलर। सौम्य-मृदु मुकेश अंबानी भारत में शेयर बाजार के जरिए सफलता की नई कहानी लिखने वाले धीरूबाई अंबानी के बड़े बेटे हैं। पेट्रोकेमिकल, तेल और गैस में रिलायंस ग्रुप के आगे टिकने वाली फिलहाल कोई कंपनी भारत में तो नहीं है। मुकेश ने बॉम्बे यूनिवर्सिटी से बैचलर डिग्री ली। मुकेश अपने बच्चों और पत्नी नीता अंबानी के साथ मुंबई में रहते हैं। मुंबई में मुकेश का शानदार आशियाना बन रहा है जो, दुनिया का सबसे महंगा घर होगा। वहीं पांचवे नंबर पर भी भारत का ही कब्जा रहा। इस फेहरिस्त में पांचवे नंबर पर स्टील किंग लक्ष्मी मित्तल हैं। जिनकी संपत्ति है करीब 29 बिलियन डॉलर अमेरिकी डॉलर। हालांकि 59 साल के मित्तल लंदन में ही रह रहे हैं। लंदन में रहने वाले लक्ष्मी निवास मित्तल कुछ साल पहले तब चर्चा में आए थे जब इन्होंने लंदन के सबसे पॉश इलाके में सबसे महंगा घर खरीदा। उसके बाद दिल्ली और लंदन में बेटी की शादी के शानदार समारोह की वजह से भी चर्चा में रहे। लेकिन, भारतीय मूल के लक्ष्मीनिवास मित्तल की शोहरत दुनिया में उस समय बुलंदी पर पहुंच गई जब वो आर्सेलर को खरीदकर दुनिया की सबसे बड़ी स्टील कंपनी आर्सेलर-मित्तल के मालिक बन गए। मित्तल ने सेंट जेवियर कोलकाता से पढ़ाई की है। एलएन मित्तल के दो बच्चे हैं। शुरुआती कारोबार विरासत में मिला। इसके अलावा छठे नंबर पर एक बार फिर अमेरिकी  व्यापारी लॉरेंस एलिसन हैं। 65 साल के इस व्यपारी की संपत्ति 28 बिलियन अमेरिकी डॉलर है। लॉरेंस एलिसन की कंपनी ऑरेकल के शेयर पिछले 12 महीने में सत्तर परसेंट तक चढ़ गए। और, लॉरेंस की माली हैसियत दुनिया के सबसे अमीर लोगों के मुकाबले में आ गई। लॉरेंस कैलिफोर्निया की रेडवुड सिटी में रहते हैं। लॉरेंस को शिकागो यूनिवर्सिटी से पढ़ाई बीच में छोड़नी पड़ी। वहीं फ्रांस के 61 साल के बिजनेसमैन बर्नार्ड अरनॉल्ट की संपत्ति साढ़े सत्ताईस बीलियन अमेरिकी डॉलर है। पेरिस में रहने वाले बर्नार्ड अरनॉल्ट की किस्मत शाही सामानों के कारोबार से चमक गई। बर्नार्ड 5 बच्चों के पिता हैं। उन्हें कारोबार विरासत में मिला लेकिन, उसे नई ऊंचाई पर पहुंचाने के लिए कई बड़े फैसले लिए। एकोल पॉलिटेक्निक से बर्नार्ड ने पढ़ाई की है। इस फेहरिस्त में आठवें पायदान पर 53 साल के ब्राजील के बिजनेस मैन एईके बतिस्ता  इनकी कुल संपत्ति है 27  बीलियन अमेरिकी डॉलर। एईके बतिस्ता माइनिंग औऱ ऑयल के काम में हैं। 2 बच्चों के पिता एईके बतिस्ता रियो डी जेनेरियो में रहते हैं। बीवी से नहीं बनी और तलाक ले लिया। यूनिवर्सिटी ड्रॉपआउट एईके बतिस्ता ने खुद से कारोबार खड़ा किया।  वहीं नौंवे नंबर पर हैं स्पेन के अमेनिका ओरटेगा जिनकी कुल संपत्ति है 25 बीलियन अमेरिकी डॉलर। फैशन कारोबार ने अमेनिको ओरटेगा को दुनिया के दस सबसे अमीरों की कतार में खड़ा कर दिया है। अमेनिको ने खुद से कारोबार खड़ा किया। वो, स्पेन के ला कोरुना में रहते हैं और 3 बच्चों के पिता हैं। अमेनिको की कंपनी के 73 देशों में साढ़े चार हजार से ज्यादा स्टोर्स हैं।इस लिस्ट में दसवें नंबर पर हैं जर्मनी के कार्ल अलब्रेट। 90 साल के इस बिजनेस मैन की संपत्ति है करीब साढ़े तैईस बीलियन अमेरिकी डॉलर। कार्ल अलब्रेट ने डिस्काउंट सुपर मार्केट का कारोबार अपने बूते खड़ा किया। 2 बच्चों के पिता कार्ल की कंपनी के अमेरिका के 29 राज्यों में एक हजार से ज्यादा स्टोर्स हैं। इनकी अनुमानित बिक्री 37 बिलियन डॉलर से भी ज्यादा है। बदलती दुनिया में महिलाओं की ताकत और रुतबा तेजी से बढ़ा है। इसीलिए अब दुनिया के अमीर और प्रभावशाली पुरुषों के साथ प्रभावशाली महिलाओं की भी लिस्ट दुनिया के सामने आती है। सबसे बड़ी बात ये है कि दुनिया की सबसे प्रभावशाली महिलाओं की लिस्ट में सबसे ऊपर नाम आता है कि पेप्सिको चेयरमैन इंदिरा नूई का। भारतीय मूल की इंदिरा नूई को उनकी एग्रेसिव बिजनेस स्ट्रैटेजी के लिए जाना जाता है। कारोबारी दुनिया में ये साल मंदी के बाद नए सिरे से विस्तार के लिए जाना जाएगा। और, इस कारोबारी तेजी को रफ्तार देने में महिलाएं भी पीछे नहीं हैं। दुनिया की सबसे प्रभावशाली महिलाओं में पहले नंबर का रुतबा हासिल करने वाली इंदिरा नूई ने कई बड़े अधिग्रहण किए। इंदिरा नूई पिछले पांच सालों से इस लिस्ट में नंबर वन बनी हुई हैं। लगातार पांचवें साल शिखर पर बनी इंदिरा नूई ने पेप्सिको के दो सबसे बॉटलर्स को खरीद लिया। पेप्सिको का रेवेन्यू इंदिरा नूई के नेतृत्व में पेप्सिको अनुमानित 60 बिलियन डॉलर पर पहुंच गया है। अब इंदिरा नूई के सामने सबसे बड़ी चुनौती लागत घटाना है। इंदिरा नूई की चुनौती ये होगी कि इस साल कैसे 400 मिलियन डॉलर की लागत कम की जाए। नूई इस चुनौती को कैसे पार करेंगी ये आगे दिखेगा लेकिन, निवेशकों को नूई की काबिलियत पर कोई संदेह नहीं है। सितंबर 2009 से पेप्सिको का शेयर 12% ज्यादा कमाई दे चुका है। प्रभावशाली महिलाओं की लिस्ट में इस साल दूसरे नंबर पर हैं आयरेन। आयरेन पिछले साल भी इसी नंबर पर थीं। आयरेन ने 19 बिलियन डॉलर में कैडबरी को खरीदा है। दुनिया के सबसे बड़े निवेशक वॉरेन बफेट की इसमें सबसे बड़ी हिस्सेदारी है। कैडबरी की खरीद के साथ क्राफ्ट फूड्स का रेवेन्यू 48 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। अब क्राफ्ट फूड कैडबरी के जरिए भारत जैसे सबसे बड़े कंज्यूमर बाजार में भी पैठ बना रही है।

तेल कारोबार से अपना करियल शुरू करने वाली पैट्रीशिया ने अपनी हैसियत बरकरार रखी है। 2009 में भी पैट्रीशिया दुनिया की प्रभावशाली महिलाओं की लिस्ट में तीसरे नंबर पर ही थी। तेल कारोबार से करियर शुरू करने के बाद पैट्रीशिया की कंपनी के 240 प्लांट खेतों से निकले प्रोडक्ट को खाने और केमिकल के तौर पर तैयार करते हैं। पैट्रीशिया की कंपनी ADM दुनिया की सबसे बड़ी कॉर्न प्रोसेसर है। अब पैट्रीशिया दूसरे तेल और ऊर्जा स्रोतों पर ध्यान दे रही हैं। निवेशकों को पैट्रीशिया की स्ट्रैटेजी अच्छी लग रही है यही वजह है कि ADM के शेयर पिछले 12 महीने में 13% से ज्यादा चढ़े हैं। 50 साल की एंजेला की कंपनी लोगों की सेहत का ख्याल रखती है। दुनिया की सबसे प्रभावशाली महिलओं में चौथे नंबर पर बरकरार एंजेला की कंपनी वैसे इस समय गलत वजहों से चर्चा में रही है। एंजेला ने कैलिफोर्निया में बीमा राशि 39 परसेंट बढ़ाने की वकालत कांग्रेस के सामने की थी। लेकिन, बाद में एंजेला को ये बढ़ोतरी वापस लेनी पड़ी। एंजेला की कंपनी वेलप्वाइंट के लिए हेल्थ रिफॉर्म बड़ी चुनौती साबित हो रहे हैं। इस सबके बावजूद वेलप्वाइंट अभी भी सबसे ज्यादा अमेरिकियों की सेहत का ख्याल रख रही है। नए बीमा लेने वाले अमेरिकियों को अभी भी एंजेला की कंपनी सबसे भरोसेमंद नाम लगता है। दुनिया की पांचवीं सबसे प्रभावशाली महिला एंड्रिया जंग पिछले साल दिसंबर महीने में दुनिया भर में मशहूर आईटी कंपनी एप्पल के बोर्ड में को-लीड डायरेक्टर के तौर पर शामिल की गईं। ये एक ऐसा रुतबा था जो, दुनिया की सबसे ज्यादा चर्चित कंपनियों में शामिल एप्पल के बोर्ड में शामिल होने से एंड्रिया को मिला। एंड्रिया पहले से ही GE के बोर्ड में हैं। हालांकि, पिछले साल एंड्रिया की कंपनी एवॉन का परफॉरमेंस खराब रहा है। एवॉन का रेवेन्यू और इनकम दोनों ही घटा है। मंदी से ज्यादातर कंपनियों की वापसी के बाद भी एंड्रिया की कंपनी का शेयर खराब प्रदर्शन कर रहा है। इसे सुधारना एंड्रिया के लिए बड़ी चुनौती साबित होगी। टीवी की दुनिया की सबसे चर्चित हस्तियों में शुमार ओप्रा विंफ्रे को टेलीविजन पर सबसे ज्यादा पैसे लेने के लिए भी जाना जाता है। पिछले 25 सालों से ओप्रा टीवी टॉक शो की दुनिया की महारानी हैं। अब ओप्रा ने टीवी टॉक शो की एंकरिंग छोड़कर खुद की कंपनी ओप्रा विंफ्रे नेटवर्क शुरू किया है। ओप्रा की कंपनी हार्पो ब्राडिंग के काम में है। ड्यूपॉन्ट की चेयरमैन और सीईओ एलेन की कंपनी ने मंदी के दौर में जबरदस्त कमाई की। कंपनी के प्रोडक्ट टेफलॉन और पेंट की डिमांड इस दौरान खूब रही। जब दुनिया की अर्थव्यवस्था का हाल सुधरा तो, ड्यूपॉन्ट ने भी उसी लिहाज से अपनी रणनीति बदल ली। जिससे रेवेन्यू में कोई कमी नहीं हो। कंपनी की सभी बिजनेस यूनिट में बिक्री जोरदार बढ़ी है। और ड्यूपॉन्ट फिर से हायरिंग मोड में आ गई है। 53 साल की गिन्नी ने प्रभावशाली महिलाओं की दुनिया में अपनी हैसियत तेजी से बढ़ाई है। पिछले साल के 11वें नंबर से उछलकर गिन्नी आठवें नंबर पर आ गई है। कंपनी के स्टॉक की कीमत में S&P पर रिकॉर्ड मजबूती देखने को मिली और उसका सीधा फायदा गिन्नी की हैसियत में हुआ। जुलाई में गिन्नी के जिम्मे सेल्स के साथ मार्केटिंग औऱ स्ट्रैटेजी का काम भी आ गया। इसके बाद ये अनुमान लगाया जाने लगा था कि वो IBM के CEO सैम की उत्तराधिकारी हो सकती हैं। उर्सुला की तरक्की की कहानी बिल्कुल फिल्मी है। फोटोकॉपियर की दुनिया के सबसे मशहूर ब्रांड जेरॉक्स में इंटर्न के तौर पर करियर की शुरुआत की। और, आज उसी कंपनी की चेयरमैन और सीईओ हैं। उर्सुला पिछले साल भी दुनिया की सबसे प्रभावशाली महिलाओं की लिस्ट में नौवें नंबर पर थीं। उर्सुला इस समय अमेरिकन एक्सप्रेस में बोर्ड मेंबर भी हैं। जेरॉक्स को उर्सुला ने दुनिया की सबसे बड़ी बिजनेस प्रॉसेस और डॉक्युमेंट मैनेजमेंट फर्म बना दिया है। कंपनी का रेवेन्यू 22 बिलियन डॉलर पर पहुंच गया है। याहू की प्रेसिडेंट औऱ सीईओ कारोल की हैसियत थोड़ी घटी है। पिछले साल दुनिया की प्रभावशाली महिलाओं में आंठवें नंबर पर रही कारोल इस साल दसवें नंबर पर हैं। कारोल को गद्दी संभाले अभी डेढ़ साल हुआ है लेकिन, उन्हें ढेर सारी आलोचनाओं का शिकार होना पड़ा है। कारोल की अगुवाई में नोकिया और माइक्रोसॉफ्ट के साथ शानदार सौदे भी निवेशकों का मन नहीं जीत सके हैं। कंपनी का शेयर इस साल 15% चढ़ा है। भारत के धनकुबेरों में रिलायंस चेयरमैन मुकेश अंबानी नंबर एक पर बने हुए हैं। ये सूची जारी करने वाली फोर्ब्स का ये भी मानना है कि 2014 तक मुकेश अंबानी दुनिया के सबसे अमीर बन जाएंगे। फिलहाल इस दौड़ में उनके छोटे भाई अनिल अंबानी काफी पिछड़ गए हैं। रतन टाटा को दस सबसे अमीर लोगों की सूची में जगह नहीं मिल सकी है।
देश के रईसों की लिस्ट में मुकेश अंबानी नंबर वन पर बने हुए है। फोर्ब्स ने भारत के 40 बड़े धनकुबेरों की लिस्ट जारी की। फोर्ब्स मैगजीन के मुताबिक भारत में 100 अमीरों की कुल संपत्ति 300 बिलियन डॉलर यानी करीब साढ़े तेरह लाख करोड़ रुपए है। फोर्ब्स मैगजीन में शुमार टॉप 4 अमीरों के पास ही 86 बिलियन डॉलर यानी करीब तीन लाख सतासी हजार करोड़ रुपए की संपत्ति है। शेयर बाजार की जबर्दस्त उछाल और तेज आथिर्क विकास ने भारतीय अमीरों को कद और बड़ा कर दिया है। फोर्ब्स मैगजीन के मुताबिक भारत में धनकुबेरों की तादाद बढ़ती जा रही है। अब उनहत्तर ऐसे लोग हैं जिनके पास एक अरब डॉलर से ज्यादा की संपत्ति है। पिछले साल से ये सत्रह ज्यादा है।
सबसे दौलतमंद भारतीय की कुर्सी अभी भी मुकेश अंबानी के पास ही है। उनके पास 27 अरब डॉलर यानी 121500 करोड़ रुपए की संपत्ति है। मुकेश अंबानी लगातार तीन सालों से रइसों के लिस्ट में सबसे ऊपर बने हुए है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी के पास कंपनी की 48 परसेंट हिस्सेदारी है। वहीं रिलायंस इंडस्ट्रीज भारत में प्राइवेट सेक्टर की सबसे बड़ी कंपनी है जो फॉर्च्यून 500 में शुमार है। फोर्ब्स की फेहरिस्त में नंबर दो की पोजीशन पर हैं स्टील किंग लक्ष्मी निवास मित्तल। मित्तल के पास एक लाख 17 हजार करोड़ रुपए की दौलत है। राजस्थान के चूरु जीले में जन्मे लक्ष्मी निवास मित्तल की कर्मस्थली लंदन रही है। वे दुनिया के दूसरे सबसे धनी भारतीय, ब्रिटेन के सबसे धनी एशियाई और विश्व के पांचवें सबसे धनी व्यक्ति है। लक्ष्मी निवास मित्तल के ग्रुप का सबसे बड़ा कारोबार स्टील का है। हालांकि लक्ष्मी मित्तल ने अभी तक भारतीय नागरिकता नहीं छोड़ी है।  नंबर 3 पर हैं विप्रो के अजीज प्रेमजी। जिनकी संपत्ति 79 हजार दो सौ करोड़ रुपए हो गई है। भारत के बिल गेट्स कहे जाने वाले अजीम प्रेमजी सॉफटवेयर बनाने वाली कंपनी विप्रो के अध्यक्ष हैं। फोर्ब्स के अनुसार माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स की तरह प्रेमजी की भी अपने जीवनकाल के दौरान ज्यादातर धन दान करने की योजना है। वो जहां तीसरे सबसे अमीर भारतीय हैं वहीं दुनिया के अमीरों की सूची में प्रेमजी का 28वां स्थान है। उनके पास 17 अरब डॉलर से ज्यादा की संपत्ति है। रईसजादों की लिस्ट में अगला नंबर है एस्सार ग्रुप के शशि और रवि रुइया का। एस्सार एनर्जी के IPO के दम पर इन्होंने अपनी दौलत की रैकिंग को सुधारते हुए 67 हजार पांच सौ करोड़ रुपए के साथ नंबर 4 पर है। एस्सार ग्रुप लंदन स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड है। यह विदेशी स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट होने वाली अब तक की सबसे बड़ी भारतीय कंपनी है। एस्सार ग्रुप तेल और गैस उत्पादन से लेकर इस्पात निर्माण और शिपिंग के कारोबार से जुड़ी है। जिंदल ग्रुप की सावित्री जिंदल 64 हजार आठ सौ करोड़ रुपए के साथ 5वें स्थान पर हैं। सावित्री जिंदल हिसार की विधायक और पूर्वमंत्री भी रह चुकी हैं। जिंदल ग्रुप की चेयरपर्सन  सावित्री जिंदल ने एक बार फिर दुनिया के धनवानों की लिस्ट में डंका बजाया है। सावित्री जिंदल देश में सबसे सबसे अमीर औरत हैं। उनके खाते में हैं साढ़े चौदह अरब डालर की संपत्ति है। चार उद्योगपति बेटों की मां सावित्री जिंदल को 2005 में अपने पति ओपी जिंदल की हेलीकाप्टर दुर्घटना में मृत्यु के बाद उन्हें न सिर्फ जिंदल समूह के चेयरपर्सन का पद संभालना पड़ा बल्कि राजनीतिक विरासत भी आगे बढ़ाने के लिए घर के बाहर कदम रखना पड़ा। छोटे अंबानी दौलत के मामले में काफी पिछड़ गए है। 59 हजार 850 करोड़ रुपए के साथ वो नंबर 6 पर है। अनिल अंबानी रिलायंस कम्युनिकेशंस, रिलायंस कैपिटल , रिलायंस एनर्जी और रिलायंस नेचुरल रिसोर्सेज लिमिटेड है। हालांकि बड़े भैया मुकेश अंबानी से अलग होने के बाद पैसे के मामले में भी काफी पीछे छूट गए हैं। वहीं भारतीय पूंजी बाजार में बहुत सारे वित्तीय सुधार लाने का श्रेय अनिल अंबानी को ही जाता है। नंबर 7 में अदानी ग्रुप के गौतम अदानी का नाम शुमार है। जिनके पास 48 हजार 150 करोड़ रुपए की दौलत है। गौतम अदानी का जन्म गुजराती फैमली में हुआ है। अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर पाने का गौतम अदानी को आज भी मलाल है। गौतम अदानी ने कारोबार की शुरुआत पीवीसी के इंपोर्ट से किया था। हालांकि इससे पहले उन्होंने नौकरी भी किया था।  नंबर 8 पर हैं DLF के के पी सिंह। जिनकी कुल संपत्ति है 41 हजार चार सौ करोड़ रुपए। के पी सिंह भारत के सबसे बड़े रियल एस्टेट कंपनी डीएलएफ के चेयरमैन हैं। वहीं इस फेहरिस्त में नौंवे पायदान पर हैं भारती ग्रुप के CEO सुनील मित्तल। सुनील मित्तल की कुल संपतिति 38 हजार सात सौ करोड़ रुपए है। वहीं फोर्ब्स ने दसवें पायदान पर कुमार मंगलम बिड़ला को रखा है। इनकी संपत्ति 38 हजार 250 करोड़ रुपए है। आदित्य बिड़ला के बेटे और आदित्य बिड़ला ग्रुप के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला। भारत के सौ सबसे अमीर लोगों की कुल संपत्ति तीन सौ अरब डॉलर है और अगर ये सब अपनी आधी संपत्ति भी दान कर दें तो तीस बार कॉमनवेल्थ गेम आयोजित किए जा सकते हैं। या फिर तैंतीस शहरों में मेट्रो सर्विस शुरू हो सकती है। दुनिया के अमीर हों या फिर दुनिया की प्रभावशाली महिलाएं हर जगह भारत का रुतबा बढ़ रहा है। गोल दुनिया का आर्थिक समीकरण अब पश्चिम से बदलकर पूरब की तरफ बढ़ रहा है। एशियाई देशों और अफ्रीका के बड़े कारोबारी दुनिया को पीछे छोड़ने की रेस में आगे निकलते दिख रहे हैं। और, 2014 तक तो खुद फोर्ब्स ही कह रहा है कि मुकेश अंबानी के पास दुनिया में सबसे ज्यादा संपत्ति हो जाएगी। तो, आप भी इस बदलती दुनिया में अपनी हिस्सेदारी की योजना बनाइए।

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