अब वित्त मंत्री ने 19 जनवरी को राज्यों के वित्त मंत्रियों की बैठक बुलाई है। जाहिर है अपनी सारी कोशिश कर चुकी सरकार अब राज्य सरकारों के कंधे पर महंगाई काबू करने की जिम्मेदारी डालने का मन बना चुकी है।
बढ़ती महंगाई से परेशान सरकार के तेवर अब कड़े होने लगे हैं। वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी का कहना है कि इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इसे नियंत्रित करने के लिए सरकार से जो बन पड़ेगा वह करेगी। प्रणव मुखर्जी ने महंगाई से लड़ने के लिए राज्यों के वित्त मंत्रियों का बैठक 19 जनवरी को बुलाई है। उन्होंने कहा कि महंगाई का यह रूप सरकार को स्वीकार्य नहीं है और सरकार इसे नियंत्रित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। 19 जनवरी की बैठक में महंगाई के मुद्दे पर चर्चा होगी और राज्य सरकारों से इसमें सहयोग मांगा जाएगा। आखिर ऐसा क्या हो सकता है इस बैठक में कि सुरसा की तरह मुंह बाए खड़ी महंगाई अचानक से कम हो जाएगी। आखिर इस महंगाई को कम करने के लिए सरकार राज्य सरकार के साथ मिल कर क्या कर सकती है। दरअसल सरकार अब बढ़ती महंगाई का सारा ठीकरा राज्य सरकार के सर फोड़ने वाली है। राज्य सरकार से केंद्र सप्लाई बढ़ाने की मांग कर सकती है। वहीं राज्य सरकार को pds सिस्टम को सुधारने के लिए भी कहा जा सकता है। लेकिन, जिस तरह से महंगाई ने अपने कब्जे में देश को लिया है उसमें राज्यों की अलग-अलग कोशिश असर दिखा पाएगी ये मुश्किल ही दिख रहा है।
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