सेबी ने हथौड़ा चलाया और अनिल अंबानी की कंपनियों पर जुर्माना लगा दिया। सामूहिक रूप से 50 करोड़ रुपए जुर्माना भी किया गया है। सेबी ने अनिल अंबानी को आदेश दिया है कि वे और उनके दो डायरेक्टर शेयर बाज़ारों में दिसंबर 2011 तक पैसे नहीं लगाएंगे। उनकी दो कंपनियों रिलायंस इन्फ्रा और रिलायंस नैचुरल रिसोर्सेज लिमिटेड पर भी रोक लगा दी गई है कि वे दिसंबर 2012 तक शेयर बाज़ार में निवेश न करें। ये सिर्फ म्युचअल फंड और प्राइमरी मार्केट में पैसे लगा सकते हैं। फंड के कथित दुरुपयोग के मामले में ग्रुप और सेबी के बीच समझौते के बाद इन कंपनियों के शेयरों के भाव में सोमवार को गिरावट आई। इस सेटलमेंट के तहत ग्रुप को 50 करोड़ रुपए के कॉन्सेंट चार्ज का भुगतान करना पड़ा। इस खबर से निवेशकों का अनिल अंबानी ग्रुप की कंपनियों पर भरोसा कमजोर हुआ, जिसका असर सोमवार को शेयर बाजार में नजर आया। एडीएजी की सभी छह लिस्टेड कंपनियों के मार्केट कैप में सोमवार को 6,500 करोड़ रुपए की गिरावट आई। रिलायंस इंफ्रा के शेयर करीब दस परसेंट गिरकर 700 रुपए पर बंद हुए। वहीं रिलायंस कम्युनिकेशंस के शेयर में पांच परसेंट की गिरावट आई। रिलायंस कैपिटल भी सात परसेंट गिरकर बंद हुआ। पिछले एक साल में इन कंपनियों का सबसे खराब प्रदर्शन रहा है। वहीं एडीएजी की कंपनियों को लेकर बाजार में सेंटीमेंट आगे भी कमजोर बने रहने के आसार नजर आ रहे हैं। हालांकि, अच्छी बात यह है कि कंपनियों के फंड जुटाने पर किसी तरह की कानूनी पाबंदी नहीं लगी है। इतना होने के बावजूद अनिल अंबानी कह रहे हैं ऑल इस वेल। अब वाकाई सब ठीक है या नहीं ये तो आप देख ही रहे हैं।
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