अन्ना हजारे का अनशन जैसे-जैसे बढ़ता गया वैसे-वैसे काफिला जुड़ता गया। दिल्ली के रामलीला मैदान और इंडिया गेट पर जनसैलाब उमड़ा। देश के कोने-कोने से अन्ना हजारे के समर्थन में लोग एकजुट हो रहे हैं। वहीं भ्रष्टाचार के विरोध में सिमरी बख्तियारपुर की दो महिलाओं ने हजारों किलोमीटर की दूरी तय कर दिल्ली के रामलीला मैदान में अन्ना हजारे के समर्थन में खड़ी रही। इन दोनों महिलाओं ने दिल्ली के रामलीला मैदान में अन्ना हजारे के समर्थन में आवाज बुलंद किया। सिमरी बख्तियारपुर की निवासी पूनम प्रसाद ने बताया कि उन्होंने हाथों में झंडे, नारे लिखीं तख्तियां और सिर पर गांधी टोपी लगा कर अन्ना का समर्थन किया। उनका मानना है कि देश में भ्रष्टाचार का बोलबाला है। ऐसे में एक व्यक्ति हम सब के हक के लिए उठ खड़ा हुआ है। और हम सब का कर्तव्य है कि गांधीवादी अन्ना का समर्थन करें। उनका मानना है कि ये लड़ाई सिर्फ एक आदमी की नहीं है। ये देश की लड़ाई है। वहीं सिमरी बख्तियारपुर की निवासी स्नेह सौरभी ने बताया कि ये आजादी की दूसरी लड़ाई है। उन्होंने बताया कि भ्रष्टाचार देश के लिए एक अहम मुद्दा है। और आज देश को ही नहीं अन्ना जैसे लोगों की जरूरत है। उन्होंने बताया कि भ्रष्टाचार आदमी के जन्म से ही शुरू हो जाता है और मृत्यु तक उसका साथ नहीं छोड़ता। इसके अलावा उन्होंने बताया कि आजकल छोटी छोटी चीजों के लिए भी हमें पैसे देने पड़ते हैं। मंदिर में पूजा कराने से लेकर लाइसेंस बनवाने तक हर चीज के लिए पैसे देने होते हैं। बिना पैसे दिए काम आगे बढ़ता ही नहीं है। हालांकि उन्होंने बताया कि आज महिलाएं पुरुषों के साथ कंधा से कंधा मिला कर चलने के लिए तैयार है। ऐसे में अगर कोई महिला भी अन्ना के साथ अनसन पर बैठती तो उन्हें ज्यादा खुशी होती। इसके अलावा उनका मानना है कि देश में भ्रष्टाचार और काले धन को रोकने में मदद मिलेगी। स्नेह सौरभी ने बताया कि देश अब इस बकैत, लठैत और डकैत सरकार से तंग आ चुकी है। आवाम की कमाई अपनी तिजोरी में भरने वालों के पास भले ही क्रूर संवेदनहीन पुलिसिया तंत्र, गोली बारूद हो लेकिन उनके सारे अत्याचार एक ऐसे शख्स के आगे फीके हैं जिसने देश के लिये अपना परिवार नहीं बसाया, जो गाँधी टोपी और बेहद कम संसाधनों के सहारे जिंदगी बसर कर रहा है। जिसके पास विचारों की ताकत है। स्नेह सौरभी ने बताया कि राम लीला मैदान से लेकर इंडिया गेट तक लोगों का हुजूम लगा था। अन्ना के समर्थन में निकली रैली में बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग भी थे। इनमें सबसे ज्यादा युवाओं की तादाद थी। दिल्ली में हर तरफ अन्ना हजारे के आंदोलन की गूंज चल रही है। दिल्ली की सड़कों पर गांधीवादी के समर्थक तिरंगा लहराते हुए लोगों को प्रेरित करते नजर आए। समर्थकों ने भजन-कीर्तन और देशभक्ति के गीतों से एक दूसरे का उत्साह बढ़ाया।
Saturday, 27 August 2011
अन्ना के समर्थन में रामलीला मैदान पहुंची बख्तियारपुर की महिलाएं
अन्ना हजारे का अनशन जैसे-जैसे बढ़ता गया वैसे-वैसे काफिला जुड़ता गया। दिल्ली के रामलीला मैदान और इंडिया गेट पर जनसैलाब उमड़ा। देश के कोने-कोने से अन्ना हजारे के समर्थन में लोग एकजुट हो रहे हैं। वहीं भ्रष्टाचार के विरोध में सिमरी बख्तियारपुर की दो महिलाओं ने हजारों किलोमीटर की दूरी तय कर दिल्ली के रामलीला मैदान में अन्ना हजारे के समर्थन में खड़ी रही। इन दोनों महिलाओं ने दिल्ली के रामलीला मैदान में अन्ना हजारे के समर्थन में आवाज बुलंद किया। सिमरी बख्तियारपुर की निवासी पूनम प्रसाद ने बताया कि उन्होंने हाथों में झंडे, नारे लिखीं तख्तियां और सिर पर गांधी टोपी लगा कर अन्ना का समर्थन किया। उनका मानना है कि देश में भ्रष्टाचार का बोलबाला है। ऐसे में एक व्यक्ति हम सब के हक के लिए उठ खड़ा हुआ है। और हम सब का कर्तव्य है कि गांधीवादी अन्ना का समर्थन करें। उनका मानना है कि ये लड़ाई सिर्फ एक आदमी की नहीं है। ये देश की लड़ाई है। वहीं सिमरी बख्तियारपुर की निवासी स्नेह सौरभी ने बताया कि ये आजादी की दूसरी लड़ाई है। उन्होंने बताया कि भ्रष्टाचार देश के लिए एक अहम मुद्दा है। और आज देश को ही नहीं अन्ना जैसे लोगों की जरूरत है। उन्होंने बताया कि भ्रष्टाचार आदमी के जन्म से ही शुरू हो जाता है और मृत्यु तक उसका साथ नहीं छोड़ता। इसके अलावा उन्होंने बताया कि आजकल छोटी छोटी चीजों के लिए भी हमें पैसे देने पड़ते हैं। मंदिर में पूजा कराने से लेकर लाइसेंस बनवाने तक हर चीज के लिए पैसे देने होते हैं। बिना पैसे दिए काम आगे बढ़ता ही नहीं है। हालांकि उन्होंने बताया कि आज महिलाएं पुरुषों के साथ कंधा से कंधा मिला कर चलने के लिए तैयार है। ऐसे में अगर कोई महिला भी अन्ना के साथ अनसन पर बैठती तो उन्हें ज्यादा खुशी होती। इसके अलावा उनका मानना है कि देश में भ्रष्टाचार और काले धन को रोकने में मदद मिलेगी। स्नेह सौरभी ने बताया कि देश अब इस बकैत, लठैत और डकैत सरकार से तंग आ चुकी है। आवाम की कमाई अपनी तिजोरी में भरने वालों के पास भले ही क्रूर संवेदनहीन पुलिसिया तंत्र, गोली बारूद हो लेकिन उनके सारे अत्याचार एक ऐसे शख्स के आगे फीके हैं जिसने देश के लिये अपना परिवार नहीं बसाया, जो गाँधी टोपी और बेहद कम संसाधनों के सहारे जिंदगी बसर कर रहा है। जिसके पास विचारों की ताकत है। स्नेह सौरभी ने बताया कि राम लीला मैदान से लेकर इंडिया गेट तक लोगों का हुजूम लगा था। अन्ना के समर्थन में निकली रैली में बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग भी थे। इनमें सबसे ज्यादा युवाओं की तादाद थी। दिल्ली में हर तरफ अन्ना हजारे के आंदोलन की गूंज चल रही है। दिल्ली की सड़कों पर गांधीवादी के समर्थक तिरंगा लहराते हुए लोगों को प्रेरित करते नजर आए। समर्थकों ने भजन-कीर्तन और देशभक्ति के गीतों से एक दूसरे का उत्साह बढ़ाया।
Monday, 31 January 2011
काले धन का सफेद चिट्ठा
भारत में हर साल 210 अरब रुपये की रिश्वत ली और दी जाती है, जो जीडीपी का लगभग पौने परसेंट है। हम और आप हर कहीं घूस देते हैं। चाहे वो एडमिशन कराना हो.. या फिर ड्राइविंग लाइसेंस बनाना या पासपोर्ट बनाना। यही नहीं अब तो खुले आम लोग घूस मांगते हैं। पैन कार्ड बनवाने या फिर ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए लोग एड देकर घूस मांग रहे हैं। वहीं अब ये एक स्टडी से भी साबित हो गया है।
सौ में से 80 न सही लेकिन एक स्टडी से ये खुलासा जरूर हुआ है कि भारत में सौ में से 54 लोग भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं। भारत में भ्रष्टाचार दिनों दिन बढ़ता जा रहा है। एक सर्वे से खुलासा हुआ है कि इस देश में रहने वाले 100 में 54 लोग बेईमान हैं। ये खुलासा हुआ है गैर सरकारी संगठन ‘ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल’ की रिपोर्ट से। रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल यहां हर दूसरे शख्स ने अपना काम कराने के लिए अधिकारियों को रिश्वत दी। वहीं खुलासा हुआ है कि पुलिस रिश्वत लेने के मामले में नंबर वन है। देश में 100 में 54 लोग भ्रष्ट हैं। जो अपना काम करवाने के लिए भ्रष्टाचार का सहारा लेते हैं। फिर चाहे इसके लिए वो घूस दें या घूस लें।
इस रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल भारत में अपना कोई न कोई जरुरी काम करवाने के लिए 54 परसेंट लोगों ने रिश्वत दी। यानि देश का हर दूसरा शख्स रिश्वत देने में यकीन रखता है। सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार पुलिस डिपार्टमेंट में है। भारत में टू जी स्पेक्ट्रम जिसने देश को 1 लाख 76 हजार करोड़ का चूना लगाया। भ्रष्टाचार की मुंबई में आदर्श इमारत भी इसी बात को दर्शाती है। कॉमनवेल्थ में सैकड़ों करोड़ का घोटाला भी इसी इसी ओर इशारा करता है। भारत में फैल रहे भ्रष्टाचार के कैंसर को भी बेपर्दा किया है इस स्टडी ने। लेकिन इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है कि आप और हम कोई न कोई काम निकलवाले के लिए सरकारी कर्मचारी को घूस जरूर देते हैं। घूस लेना और देना दोनो ही देश में काले धन को बढ़ावा दे रहा है।
केरोसिन की कालाबाजारी
बॉलीवुड की रंगीन चमचमाती दुनिया में टैक्स चौरी से काले धन की कालिख मजबूत हो रही है तो, दूसरे धंधों में भ्रष्टाचार से काले धन की कालिख बढ़ रही है। केरोसिन जो, कम कमाई वाले लोगों के लिए सब्सिडी पर बेचा जाता है। उसके काले मुनाफे में इतनी ताकत थी कि एक बेईमान धंधेबाज ने एक ईमानदार अधिकारी को जिंदा जला दिया। अब सरकार जागी है और छापे-गिरफ्तारी कर रही है। जबकि, ये रहस्य सब जानते हैं कि केरोसिन की कालाबाजारी हजारों करोड़ की अलग अर्थव्यवस्था है जिसमें सबका अपना हिस्सा है।
देश में हर महीने 93 करोड़ लीटर केरोसिन बिकता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक सरकार द्वारा मुहैया 40 परसेंट केरोसिन कालाबाजारियों के हाथों में चला जाता है। नेपाल, पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे हमारे पड़ोसी देशों में केरोसीन की कीमतें पेट्रोल-डीजल की कीमतों के लगभग बराबर है। इसलिए सरकारी तेल डिपो व टैंकरों से चुराया गया केरोसिन तस्करी के जरिए इन देशों में महंगे दाम पर बेच दिया जाता है। एसोचेम के एक सर्वे के अनुसार हर साल सौ करोड़ लीटर केरोसिन की तस्करी हो रही है। इससे सरकार को हर साल 3395 करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है। केंद्र सरकार की ओर से आम आदमी को मुहैया कराए गए सस्ते केरोसिन का आधा हिस्सा मिलावटखोरों और तस्करों के हाथ लग जाता है। सरकार केरोसिन पर हर साल करीब 20,000 करोड़ रुपए की सब्सिडी देती है जबकि राशन की दुकानों पर हर साल 13 हजार 950 करोड़ रुपए का केरोसिन बिकता है। सब्सिडी में यह रकम जोड़ें तो राशि करीब 34 हजार करोड़ रुपए होती है। यदि बिना सब्सिडी केरोसिन बेचा जाता तो तेल कंपनियों को यह रकम मिलती। यानी यह केरोसिन की वास्तविक कीमत है जो प्रति लीटर 30.42 रुपए है। सब्सिडी में मिली छूट की वजह से राशन की दुकान पर केरोसिन साढ़े बारह रुपए प्रति लीटर पड़ता है। जबकि पेट्रोल-डीजल की कीमत इससे कई गुना ज्यादा हैं। तेल माफिया पेट्रोल-डीजल में सस्ते केरोसिन की मिलावट कर दाम में फर्क का फायदा उठाता है।सस्ते केरोसिन का 40 फीसदी हिस्सा कालाबाजारी ले उड़ते हैं जबकि 10 फीसदी तस्करी के जरिए पड़ोसी देशों में बेच दिया जाता है। इससे एक तरफ जहां आम आदमी से सस्ता केरोसिन दूर हो रहा है, वहीं सरकार को सालाना करीब 17000 करोड़ रुपए का नुकसान भी हो रहा है। मिलावटखोरी का यह धंधा देश में तेजी से फैल रहा है और इस पर जल्द से जल्द लगाम लगाना जरूरी है।
बॉलीवुड की काली कमाई
काले धन की कालिख के निशान समय-समय पर बॉलीवुड में भी नजर आते रहते हैं। अभी ताजा मामला है मशहूर अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा और कैटरीना कैफ के घरों पर आयकर विभाग के छापे का। प्रियंका पर करीब आठ करोड़ रुपए की कमाई पर टैक्स चुराने का आरोप है। ये सिर्फ एक मिसाल है सच्चाई ये है कि बॉलीवुड की फिल्मों और काले धन का रिश्ता बहुत पुराना है। और, सालाना करीब ढाई हजार करोड़ रुपए की टैक्स चोरी का अनुमान लगाया जा रहा है।
बॉलीवुड की देसी गर्ल प्रियंका चोपड़ा इनकम टैक्स के शिकंजे में फंस गई हैं। लगातार दूसरे दिन प्रियंका के घर पर पड़े छापे में आयकर विभाग को 7.5 करोड़ की बेमानी संपति मिली है। ये वो संपति है जिसका हिसाब खुद प्रियंका चोपड़ा भी नहीं दे पाईं। इनकम टैक्स को भी अभी तक इस संपति का कोई ब्योरा नहीं मिल पाया है। इससे पहले कैटरीना कैफ के घर और दफ्तर पर भी इनकम टैक्स के छापे पड़े थे। बॉलीवुड की इन दो मशहूर अभिनेत्रियों के घरों पर पड़े टैक्स छापे ने फिर से इस बात को मजबूती दी है कि बॉलीवुड में टैक्स चोरी और फिर इसके काले धन में तब्दील होने की कहानी रुकी नहीं है। पहले ये काला धन सीधे-सीधे दाऊद जैसे अपराधियों के जरिए लगता था। लेकिन, अब इसकी जरूरत नहीं रही। अब निर्माता ही काले धन की कालिख बढ़ाने में मददगार होते हैं। ये एक कड़वी सच्चाई है कि बॉलीवुड की फिल्मों में जो, रकम लगती है वो, पूरी रकम कभी भी टैक्स विभाग की जानकारी में नहीं होती। फिल्मी सितारों को किस फिल्म के लिए कितनी रकम मिली ये हमेशा लोगों के लिए अबूझ पहेली होता है। सितारों की इस झिलमिलाती, रंगीन दुनिया में हर साल करीब ढाई सौ फिल्में बनती हैं। और, जिस तरह से टैक्स छापों में टैक्स चोरी की बातें समय-समय पर सामने आती हैं उसे आधार माना जाए तो, हर फिल्म दस करोड़ रुपए की टैक्स चोरी का सीधा सा मतलब हुआ कि सालाना करीब ढाई हजार करोड़ रुपए की टैक्स चोरी बॉलीवुड में हो रही है और ये काले धन का खजाना बढ़ा रहा है। सरकार पर काले धन को विदेश से वापस लाने का दबाव बढ़ रहा है। लेकिन, सबसे ज्यादा मुनाफे वाली इंडस्ट्री में बढ़ते काले धन पर रोक की चिंता शायद ही किसी को है। क्योंकि, इस रंगीनी में हर कोई खो जाता है। बस कभी-कभी छोटे-मोटे टैक्स छापे भर से काम चलाया जा रहा है।
काले धन की कालिख
काले धन का मुद्दा तो बरसों से है। लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के नेता लालकृष्ण आडवाणी ने इसे चुनावी मुद्दा बनाने की भी कोशिश की। लेकिन, सरकार पर इसका असर तब दिखा जब सुप्रीमकोर्ट ने इस मामले पर फटकार लगाई है। कहा जा रहा है कि स्विस बैंक में ही भारत का इतना काला धन है कि पूरी अर्थव्यवस्था की सूरत ही बदल सकती है। स्विट्जरलैंड से मिले आंकड़ों के अनुसार विश्व के सभी देशों के काले धन से ज्यादा अकेले भारत का काला धन स्विस बैंकों में जमा है। स्विस बैंकों में कुल जमा भारतीय रकम 66,000 अरब रुपए है। स्विस बैंकिंग एसोसिएशन की 2008 की रिपोर्ट, जो अब जारी की गई है के अनुसार भारत के बाद काला धन जमा करने में रूस, 470 बिलियन डॉलर, ब्रिटेन, 390 बिलियन डॉलर और यूक्रेन 100 बिलियन डॉलर का नंबर है। इन देशों के अलावा बाकी विश्व के अन्य सभी देशों का मिला जुला काला धन 300 बिलियन डॉलर है। भारत से लंबे समय से विदेशों में पैसा जमा किया जाता है। स्विट्जरलैंड तो केवल एक देश है, इसके अलावा कई देशों में भारतीयों का धन जमा है। ये देश वे देश हैं जहां सरकारें खुद इस तरह की कमाई को जमा करने के लिए प्रोत्साहन देते हैं। यह कारा धन भ्रष्ट राजनीतिज्ञों, आईएएस, आईपीएस और उद्योगपतियों का माना जाता है। हालांकि सरकार का मानना है कि अब तक उन्हें बीस लाख करोड़ रुपए के काले धन की जानकारी मिली है।
यह रकम भारत पर कुल विदेशी कर्जे का 13 गुना है। हर साल यह रकम तेजी से बढ़ रही है लेकिन सरकार का इस पर कोई नियंत्रण नहीं है। भारत में करीब 45 करोड़ लोग गरीबी रेखा से नीचे का जीवन बिता रहे हैं। उनकी रोजाना की औसत आमदनी 50 रुपयों से कुछ ही ज्यादा है। यदि भारत का विदेशों में जमा काला धन भारत लाया जाता है तो केवल कुछ ही घंटों में देश की काया पलट हो सकती है। न केवल गरीबों का जीवन स्तर सुधरेगा बल्कि विदेशों का सारा कर्ज भी उतर जाएगा। और यदि पूरे देश पर कोई कर नहीं लगाया जाए तो भी सरकार अपनी मुद्रा को अगले 30 साल तक स्थिर रख सकती है। भारत से औसतन 80,000 लोग हर साल स्विट्जरलैंड की यात्रा करते हैं और इनमें से 25,000 लोग अक्सर ही इस देश की यात्रा पर जाते हैं। सरकार यदि केवल इन 25,000 लोगों पर ही कड़ी नजर रखे तो काफी कुछ खुलासा हो सकता है। हालांकि स्विट्जरलैंड सरकार ने इस मामले में पहले भी भारत की मदद नहीं की है लेकिन यदि भारत सरकार लगातार दबाव बनाए तो भारत को इन भ्रष्ट लोगों की जानकारी मिल सकती है।
Sunday, 23 January 2011
अंधेर नगरी चौपट राजा
जब देश में टमाटर, प्याज, पेट्रोल और बीयर की एक ही कीमत पर मिलने लगे तो इसे क्या कहेंगे। ये तो अंधेर नगरी चौपट राजा, टके सेर भाजी टके सेर खाजा वाली कहानी को चरितात्र करता है। ऐसे में आप क्या कहेंगे। आसमान छूती महंगाई ने लोगों का जीना हराम कर दिया है। महंगाई से सभी वर्ग काफी परेशान हैं। राशन सामग्री, हरी सब्जियों के मूल्य ने जेबें ढीली कर दी हैं। सबसे ज्यादा परेशानी गरीब वर्ग के लोगों का हो रही है। दिनभर मजदूरी करने के बाद भी दो वक्त की रोटी का जुगाड़ नहीं कर पा रहे हैं। मध्यम वर्ग के लोगों का महीने का बजट सप्ताह भर में ही समाप्त हो जाता है। वहीं पेट्रोल के दाम सुन कर तो लोग पैदल जाने में ही भलाई समझ रहे हैं। पेट्रोल की कीमत पिछले छह महीने में 17 परसेंट बढ़ गई है। और सरकार के कान पर जूं भी नहीं रेंग रहा है। सरकार का मानना है कि कीमत में जब ज्यादा बढ़ोत्तरी होगी तभी वो हस्तक्षेप करेगी। ये तो अंधेर नगरी, चौपट राजा वाली कहानी की तरह ही हो गया है । अब हम आपको बताते हैं कि दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से प्याज, पेट्रोल और बीयर की कीमत एक हो गई है। दिल्ली में प्याज जहां 60 रुपए प्रति किलो बिक रहा है। वहीं पेट्रोल 60 रुपए प्रति लीटर के करीब पहुंच गई है। इसके अलावा एक बोतल बीयर के लिए भी आपको खर्च करने होंगे करीब 60 रुपए। वहीं एक किलो टमाटर भी अब 60 रुपए किलो मिलने लगा है। इन चारों की कीमत देखते हुए लगता है कि सरकार को आम लोगों की चिंता नहीं है। हालांकि पेट्रोल के दाम बढ़ते ही लोगों को झटका लगा है। महंगाई पर सबसे ज्यादा असर डीजल और पेट्रोल के दामों का होता है। लोगों को डर है कि अब फिर से महंगाई बढ़ने का चक्र शुरू हो सकता है। अगर और महंगाई बढ़ी तो आम आदमी के लिए जीना मुश्किल हो जाएगा। पेट्रोल की बढ़ी कीमतों का सबसे ज्यादा प्रभाव आम आदमी पर पड़ने वाला है।
Wednesday, 19 January 2011
मोबाइल नंबर पोर्टिब्लिटी से राहत
मोबाइल नंबर पोर्टेब्लिटी का इंतजार कर रहे लोगों के इंतजार का समय खत्म हो चुका है। अब आपको मोबाइल कंपनी के नखरे नहीं सहने होंगे। कॉल ड्राप, नेटवर्क की समस्या या महंगी कॉल दरों को लेकर अभी तक ग्राहक मोबाइल कंपनियों के जुल्म सहते चले आ रहे थे क्योंकि ऑपरेटर बदलने के लिए उन्हे नंबर भी बदलना पड़ता लेकिन आज से यह सब इतिहास बन जाएगा। ऑपरेटर बदलने के लिए बस आपको एक एसएमएस करना होगा। मैसेज बॉक्स में जा कर टाइप करें पोर्ट, फिर अपना मोबाइल नंबर और भेज दीजिए 1900 पर। इसके बाद आपको एक युनीक पोर्टिंग कोड मिलेगा। इस कोड की मदद से आप अपना पसंदीदा ऑपरेटर चुन सकेंगे। ऑपरेटर को कोड दिखाकर और फॉर्म भरने के बाद आपको नया सिम कार्ड मिल जाएगा। औपचारिकताएं पूरी होने के बाद आपका नया सिम कार्ड एक्टिवेट हो जाएगा। ऑपरेटर बदलने के लिए चुकाने होंगे सिर्फ 19 रुपये। टेलिकॉम रेग्युलेटरी ऑथरिटी ने 20 जनवरी से पूरे देश में मोबाइल पोर्टेब्लिटी सुविधा लागू करने की नोटिफिकेशन जारी कर दी थी। हांलाकि इससे पहले हरियाणा में यह सुविधा शुरु हो चुकी थी। अपने ऑपरेटर को बदलने के लिए उफभोक्ता को केवल 19 रुपए का भुगतान करना होगा साथ ही अपने पुराने बिल को चुकाना होगा उसके बाद वह किसी भी ऑपरेटर का चयन कर सकता है। मोबाइल ऑपरेटरों के विरोध के चलते एमएनपी को तीन बार रद्द करना पड़ा था। एमएनपी लागू होने से पहले सभी मोबाइल कंपनियां दूसरी कंपनियों के ग्राहक अपनी ओर खीचने के लिए जबर्दस्त प्रचार कर रही हैं।
घोटाले और आरोप से घिरे मनमोहन सिंह के कैबिनेट का म्युजिकल चेयर खत्म हुआ। इस बंदर बांट में किसके हाथ क्या आया। मंत्रियों को क्या मिला। और किस पर गिरी गाज। इस फेरबदल में जिन मंत्रियों को जोर का झटका लगा है उसमें पेट्रोलियम मंत्री मुरली देवड़ा का नाम भी शामिल है। देवड़ा से पेट्रोलियम मंत्रालय छीना जा चुका है। उनकी जगह एस जयपाल रेड्डी को पेट्रोलिमय मंत्रालय बनाया गया है। माना जा रहा है कि तेल कंपनियों के हिमायती बनने के चलते मुरली देवड़ा को अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी है। सरकार लगातार उनसे यह कह रही थी कि वे देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों को काबू में रखें, लेकिन ऐसा करने में वे पूरी तरह नाकामयाब रहे हैं। और इसकी कीमत अब उन्हे अपनी कुर्सी गंवा कर चुकानी पड़ी है। माना जा रहा है कि मुरली देवड़ा तेल कंपनियों के बड़े हिमायती थे। और वो डीजल की कीमत बढ़ाने की भी वकालत कर रहे थे। पेट्रोल और डीजल की कीमत बढ़ने से पहले ही सुरसा की तरह मुंह बाए महंगाई को और हवा मिल रही थी। मुरली देवड़ा पर पेट्रोल की कीमत कम करने का दबाव था। लेकिन वो तेल कंपनियों के फायदे और नुकसान का ज्याद ख्याल रख रहे थे। ऐसे में सरकार उनसे लगातार यही अपेक्षा कर रही थी कि वे तेल की कीमतों को काबू में कर के रखने का कोई फॉर्मूला सुझाएंगे। लेकिन मुरली देवड़ा ऐसा करने में सफल नहीं हो सके। और यही वजह है कि उनसे ये पद छीन लिया गया है।
कर्ज का कलंक
लोन लेकर घी पीने की बात से लगभग सभी वाकिफ होंगे। यह सिद्धांत तो भारत की देन है किंतु यहॉ इसे कभी व्यवहार में लाना ठीक नहीं समझा गया। लेकिन यही तरीका अपनाकर यूरोप के कुछ देश आज बदहाली की कगार पर पहुंच गए हैं। अब एक भय यह पैदा हो गया है कि कहीं विश्व पुनः आर्थिक मंदी की जाल में ना फंस जाए। इस मंदी का ताजा शिकार अब ब्रिटेन हो रहा है... आर्थिक मंदी ने ब्रिटेन की हालत पतली कर दी है। बेरोजगारों की तादाद बढ़ रही है। और सरकार कर्ज के भाड़ी बोझ के तले दब रही है। अब तो वहां की सरकार को घुटन महसूस होने लगी है। ब्रिटेन करीब एक खरब पाउंड कर्ज का शिकार हो गया है। वहां की जनसंख्या से इसे अगर भाग किया जाए तो ये आंकड़े ब्रिटेन में हरएक परिवार 40 हजार पाउंड यानी करीब 29 लाख रुपए के कर्ज हैं। ये इतिहास में पहली बार हुआ है जब सरकार इतनी भारी भरकम कर्ज के बोझ के तले दबी हो। ब्रिटेन के वित्तमंत्री एलिस्टर डार्लिंग ने स्वीकार किया है कि देश 60 सालों में सबसे ख़राब आर्थिक स्थिति का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा है कि आर्थिक मंदी का यह दौर द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद का सबसे ख़राब दौर है और यह लोगों की कल्पना से ज़्यादा गंभीर और देर तक चलने वाला है। हालांकि बढ़ते सरकारी घाटे से निपटने के लिए वहां की सरकार, सरकारी संपत्तियों की नीलामी भी कर रही है। लेकिन ये भी ऊंट के मुंह में जीरा ही साबित हो रहा है। बेरोजगारी का आलम तो यह है कि वहां पिछले 2 साल मे 6 लाख से ज्यादा लोग बेरोजगार हो चुके हैं। इतना ही नहीं पिछले 2 महीने के दौरान ही करीब 33 हजार सरकारी कर्मचारियों को भी अपनी नौकरी गंवानी पड़ी है। कहा जा रहा है कि आने वाले दिनों में ब्रिटेन में हालात और बुरे होने वाले हैं। देखना होगा कि इन कठिन चुनौतियों से निपटने के लिए अब वहां की सरकार क्या ठोस कदम उठाती है।
अमीरों की दुनिया
2014 तक मुकेश अंबानी दुनिया के सबसे अमीर आदमी बन जाएंगे। फोर्ब्स का अनुमान है कि तब उनकी संपत्ति होगी साढ़े छे हजार करोड़ डॉलर के आसपास यानी अगर रुपए में इसे बदलें तो, ये होगा करीब तीन लाख करोड़ रुपए। अभी फोर्ब्स की जो, भारत के अमीरों की सूची आई है उसमें इस साल भी मुकेश अंबानी नंबर वन हैं। और, दुनिया की सबसे प्रभावशाली महिलाओं की लिस्ट में नंबर वन हैं भारतीय मूल की इंदिरा नूई। मशहूर पत्रिका फोर्ब्स ने दुनिया के अमीरों की सूची में इस बार टॉप टेन में दो भारतीय जगह बनाने में कामयाब हुए हैं। चौथे नंबर पर मुकेश अंबानी हैं तो, पांचवें नंबर पर स्टील किंग लक्ष्मी निवास मित्तल हैं। माइक्रोसॉफ्ट फाउंडर अमेरिकी बिल गेट्स को पछाड़कर मेक्सिको के कार्लोस स्लिम दुनिया के सबसे अमीर आदमी बने हुए हैं।
फोर्ब्स ने दुनिया के अमीरों की फेहरिस्त जारी कर दी है। इस बार की सबसे अहम बात है कि दुनिया के सबसे अमीर दस लोगों में 2 भारतीय हैं। अरबपतियों की 100 लोगों की फेहरिस्त में पहली बार अफ्रीका के दो बिजनेसमैन ने दस्तक दी है। साम्यवादी चीन के अमीरों ने भी अपनी छाप छोड़ी ही है। कभी इस फेहरिस्त में छाए रहने वाले अमेरिका और जापान जैसे देशों के अमीर अब काफी पिछड़ गए हैं। जाहिर है कि दुनिया बदल रही है, तो अमीरी का भूगोल भी बदल रहा है। कम से कम यह तो कहा ही जा सकता है कि आगे बढ़ना और कामयाब होना अब कुछ खास देशों के बिजनेसमैन की ही बपौती नहीं रहा।
फोर्ब्स के लिस्ट के अनुसार देश के सबसे अमीर कार्लोस स्लिम हैं। मेक्सिको के सत्तर साल के इस बिजनेसमैन के पास साढ़े तिरपन बिलियन डॉलर की संपत्ति है। टेलीकॉम टायकून कार्लोस स्लिम 6 बच्चों के पिता हैं। मेक्सिको यूनिवर्सिटी से आर्ट्स और साइंस में बैचलर डिग्री ली है। कार्लोस ने मेक्सिको में निजीकरण के दौर का फायदा उठाया और 1990 के दशक में मेक्सिको की नेशनल टेलीफोन कंपनी को खरीद लिया। अब कार्लोस की कंपनी को लैटिन अमेरिका की सबसे बड़ी मोबाइल फोन कंपनी अमेरिकन मोविल के मर्जर की मंजूरी भी मिल चुकी है।
वहीं माइक्रो सॉफ्ट के सीईओ बिल गेट्स इस सूची में दूसरे पायदान पर काबिज हैं। 54 साल के इस अमेरिकी बिजनेसमैन के पास कुल संपत्ति 53 बिलियन अमेरिकी डॉलर है। बिल गेट्स की कहानी तो हॉलीवुड की हिट स्टोरी हो सकती है। बिल गेट्स के 3 बच्चे हैं। बिल मेडिना, वॉशिंगटन में रहते हैं। बिल गेट्स अपनी स्कूली पढ़ाई भी पूरी नहीं कर पाए। लेकिन, माइक्रोसॉफ्ट जैसी जादुई कंपनी की शुरुआत की और दुनिया भर को www का असली मतलब समझाया। पिछले साल भर में माइक्रोसॉफ्ट का शेयर पचास परसेंट तक चढ़ा है। बिल और उनकी पत्नी मेलिंडा के नाम पर बना बिल-मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन दुनिया भर में एजुकेशन बेहतर करने की कोशिश में है और मलेरिया, टीबी और एड्स जैसी बीमारियों के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा है। वहीं तीसरे स्थान पर हैं अमेरिका के ही वॉरेन बफे। 47 साल के इस अमेरिकी व्यापारी के पास कुल संपत्ति है 47 बिलियन अमेरिकी डॉलर। वॉरेन बफे को दुनिया का सबसे बड़ा निवेशक माना जाता है। कहा जाता है कि वॉरेन बफे दुनिया के बाजारों की नब्ज पढ़ लेते हैं। वॉरेन की कंपनी बर्कशायर हैथवे का निवेश लगभग दुनिया की हर बड़ी कंपनी में हैं। 3 बच्चों के पिता वॉरेन अमेरिका के ओमाहा में रहते हैं। वॉरेन ने कोलंबिया यूनिवर्सिटी से मास्टर ऑफ साइंस की डिग्री ली। वॉरेन की शेयर बाजार में दिलचस्पी की वजह उनके शेयर ब्रोकर पिता बने। इसके बाद नंबर आता है भारत के मुकेश अंबानी का। 52 साल के सबसे अमीर भारतीय मुकेश अंबानी के पास कुल संपत्ति है 29 बिलियन अमेरिकी डॉलर। सौम्य-मृदु मुकेश अंबानी भारत में शेयर बाजार के जरिए सफलता की नई कहानी लिखने वाले धीरूबाई अंबानी के बड़े बेटे हैं। पेट्रोकेमिकल, तेल और गैस में रिलायंस ग्रुप के आगे टिकने वाली फिलहाल कोई कंपनी भारत में तो नहीं है। मुकेश ने बॉम्बे यूनिवर्सिटी से बैचलर डिग्री ली। मुकेश अपने बच्चों और पत्नी नीता अंबानी के साथ मुंबई में रहते हैं। मुंबई में मुकेश का शानदार आशियाना बन रहा है जो, दुनिया का सबसे महंगा घर होगा। वहीं पांचवे नंबर पर भी भारत का ही कब्जा रहा। इस फेहरिस्त में पांचवे नंबर पर स्टील किंग लक्ष्मी मित्तल हैं। जिनकी संपत्ति है करीब 29 बिलियन डॉलर अमेरिकी डॉलर। हालांकि 59 साल के मित्तल लंदन में ही रह रहे हैं। लंदन में रहने वाले लक्ष्मी निवास मित्तल कुछ साल पहले तब चर्चा में आए थे जब इन्होंने लंदन के सबसे पॉश इलाके में सबसे महंगा घर खरीदा। उसके बाद दिल्ली और लंदन में बेटी की शादी के शानदार समारोह की वजह से भी चर्चा में रहे। लेकिन, भारतीय मूल के लक्ष्मीनिवास मित्तल की शोहरत दुनिया में उस समय बुलंदी पर पहुंच गई जब वो आर्सेलर को खरीदकर दुनिया की सबसे बड़ी स्टील कंपनी आर्सेलर-मित्तल के मालिक बन गए। मित्तल ने सेंट जेवियर कोलकाता से पढ़ाई की है। एलएन मित्तल के दो बच्चे हैं। शुरुआती कारोबार विरासत में मिला। इसके अलावा छठे नंबर पर एक बार फिर अमेरिकी व्यापारी लॉरेंस एलिसन हैं। 65 साल के इस व्यपारी की संपत्ति 28 बिलियन अमेरिकी डॉलर है। लॉरेंस एलिसन की कंपनी ऑरेकल के शेयर पिछले 12 महीने में सत्तर परसेंट तक चढ़ गए। और, लॉरेंस की माली हैसियत दुनिया के सबसे अमीर लोगों के मुकाबले में आ गई। लॉरेंस कैलिफोर्निया की रेडवुड सिटी में रहते हैं। लॉरेंस को शिकागो यूनिवर्सिटी से पढ़ाई बीच में छोड़नी पड़ी। वहीं फ्रांस के 61 साल के बिजनेसमैन बर्नार्ड अरनॉल्ट की संपत्ति साढ़े सत्ताईस बीलियन अमेरिकी डॉलर है। पेरिस में रहने वाले बर्नार्ड अरनॉल्ट की किस्मत शाही सामानों के कारोबार से चमक गई। बर्नार्ड 5 बच्चों के पिता हैं। उन्हें कारोबार विरासत में मिला लेकिन, उसे नई ऊंचाई पर पहुंचाने के लिए कई बड़े फैसले लिए। एकोल पॉलिटेक्निक से बर्नार्ड ने पढ़ाई की है। इस फेहरिस्त में आठवें पायदान पर 53 साल के ब्राजील के बिजनेस मैन एईके बतिस्ता इनकी कुल संपत्ति है 27 बीलियन अमेरिकी डॉलर। एईके बतिस्ता माइनिंग औऱ ऑयल के काम में हैं। 2 बच्चों के पिता एईके बतिस्ता रियो डी जेनेरियो में रहते हैं। बीवी से नहीं बनी और तलाक ले लिया। यूनिवर्सिटी ड्रॉपआउट एईके बतिस्ता ने खुद से कारोबार खड़ा किया। वहीं नौंवे नंबर पर हैं स्पेन के अमेनिका ओरटेगा जिनकी कुल संपत्ति है 25 बीलियन अमेरिकी डॉलर। फैशन कारोबार ने अमेनिको ओरटेगा को दुनिया के दस सबसे अमीरों की कतार में खड़ा कर दिया है। अमेनिको ने खुद से कारोबार खड़ा किया। वो, स्पेन के ला कोरुना में रहते हैं और 3 बच्चों के पिता हैं। अमेनिको की कंपनी के 73 देशों में साढ़े चार हजार से ज्यादा स्टोर्स हैं।इस लिस्ट में दसवें नंबर पर हैं जर्मनी के कार्ल अलब्रेट। 90 साल के इस बिजनेस मैन की संपत्ति है करीब साढ़े तैईस बीलियन अमेरिकी डॉलर। कार्ल अलब्रेट ने डिस्काउंट सुपर मार्केट का कारोबार अपने बूते खड़ा किया। 2 बच्चों के पिता कार्ल की कंपनी के अमेरिका के 29 राज्यों में एक हजार से ज्यादा स्टोर्स हैं। इनकी अनुमानित बिक्री 37 बिलियन डॉलर से भी ज्यादा है। बदलती दुनिया में महिलाओं की ताकत और रुतबा तेजी से बढ़ा है। इसीलिए अब दुनिया के अमीर और प्रभावशाली पुरुषों के साथ प्रभावशाली महिलाओं की भी लिस्ट दुनिया के सामने आती है। सबसे बड़ी बात ये है कि दुनिया की सबसे प्रभावशाली महिलाओं की लिस्ट में सबसे ऊपर नाम आता है कि पेप्सिको चेयरमैन इंदिरा नूई का। भारतीय मूल की इंदिरा नूई को उनकी एग्रेसिव बिजनेस स्ट्रैटेजी के लिए जाना जाता है। कारोबारी दुनिया में ये साल मंदी के बाद नए सिरे से विस्तार के लिए जाना जाएगा। और, इस कारोबारी तेजी को रफ्तार देने में महिलाएं भी पीछे नहीं हैं। दुनिया की सबसे प्रभावशाली महिलाओं में पहले नंबर का रुतबा हासिल करने वाली इंदिरा नूई ने कई बड़े अधिग्रहण किए। इंदिरा नूई पिछले पांच सालों से इस लिस्ट में नंबर वन बनी हुई हैं। लगातार पांचवें साल शिखर पर बनी इंदिरा नूई ने पेप्सिको के दो सबसे बॉटलर्स को खरीद लिया। पेप्सिको का रेवेन्यू इंदिरा नूई के नेतृत्व में पेप्सिको अनुमानित 60 बिलियन डॉलर पर पहुंच गया है। अब इंदिरा नूई के सामने सबसे बड़ी चुनौती लागत घटाना है। इंदिरा नूई की चुनौती ये होगी कि इस साल कैसे 400 मिलियन डॉलर की लागत कम की जाए। नूई इस चुनौती को कैसे पार करेंगी ये आगे दिखेगा लेकिन, निवेशकों को नूई की काबिलियत पर कोई संदेह नहीं है। सितंबर 2009 से पेप्सिको का शेयर 12% ज्यादा कमाई दे चुका है। प्रभावशाली महिलाओं की लिस्ट में इस साल दूसरे नंबर पर हैं आयरेन। आयरेन पिछले साल भी इसी नंबर पर थीं। आयरेन ने 19 बिलियन डॉलर में कैडबरी को खरीदा है। दुनिया के सबसे बड़े निवेशक वॉरेन बफेट की इसमें सबसे बड़ी हिस्सेदारी है। कैडबरी की खरीद के साथ क्राफ्ट फूड्स का रेवेन्यू 48 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। अब क्राफ्ट फूड कैडबरी के जरिए भारत जैसे सबसे बड़े कंज्यूमर बाजार में भी पैठ बना रही है।
तेल कारोबार से अपना करियल शुरू करने वाली पैट्रीशिया ने अपनी हैसियत बरकरार रखी है। 2009 में भी पैट्रीशिया दुनिया की प्रभावशाली महिलाओं की लिस्ट में तीसरे नंबर पर ही थी। तेल कारोबार से करियर शुरू करने के बाद पैट्रीशिया की कंपनी के 240 प्लांट खेतों से निकले प्रोडक्ट को खाने और केमिकल के तौर पर तैयार करते हैं। पैट्रीशिया की कंपनी ADM दुनिया की सबसे बड़ी कॉर्न प्रोसेसर है। अब पैट्रीशिया दूसरे तेल और ऊर्जा स्रोतों पर ध्यान दे रही हैं। निवेशकों को पैट्रीशिया की स्ट्रैटेजी अच्छी लग रही है यही वजह है कि ADM के शेयर पिछले 12 महीने में 13% से ज्यादा चढ़े हैं। 50 साल की एंजेला की कंपनी लोगों की सेहत का ख्याल रखती है। दुनिया की सबसे प्रभावशाली महिलओं में चौथे नंबर पर बरकरार एंजेला की कंपनी वैसे इस समय गलत वजहों से चर्चा में रही है। एंजेला ने कैलिफोर्निया में बीमा राशि 39 परसेंट बढ़ाने की वकालत कांग्रेस के सामने की थी। लेकिन, बाद में एंजेला को ये बढ़ोतरी वापस लेनी पड़ी। एंजेला की कंपनी वेलप्वाइंट के लिए हेल्थ रिफॉर्म बड़ी चुनौती साबित हो रहे हैं। इस सबके बावजूद वेलप्वाइंट अभी भी सबसे ज्यादा अमेरिकियों की सेहत का ख्याल रख रही है। नए बीमा लेने वाले अमेरिकियों को अभी भी एंजेला की कंपनी सबसे भरोसेमंद नाम लगता है। दुनिया की पांचवीं सबसे प्रभावशाली महिला एंड्रिया जंग पिछले साल दिसंबर महीने में दुनिया भर में मशहूर आईटी कंपनी एप्पल के बोर्ड में को-लीड डायरेक्टर के तौर पर शामिल की गईं। ये एक ऐसा रुतबा था जो, दुनिया की सबसे ज्यादा चर्चित कंपनियों में शामिल एप्पल के बोर्ड में शामिल होने से एंड्रिया को मिला। एंड्रिया पहले से ही GE के बोर्ड में हैं। हालांकि, पिछले साल एंड्रिया की कंपनी एवॉन का परफॉरमेंस खराब रहा है। एवॉन का रेवेन्यू और इनकम दोनों ही घटा है। मंदी से ज्यादातर कंपनियों की वापसी के बाद भी एंड्रिया की कंपनी का शेयर खराब प्रदर्शन कर रहा है। इसे सुधारना एंड्रिया के लिए बड़ी चुनौती साबित होगी। टीवी की दुनिया की सबसे चर्चित हस्तियों में शुमार ओप्रा विंफ्रे को टेलीविजन पर सबसे ज्यादा पैसे लेने के लिए भी जाना जाता है। पिछले 25 सालों से ओप्रा टीवी टॉक शो की दुनिया की महारानी हैं। अब ओप्रा ने टीवी टॉक शो की एंकरिंग छोड़कर खुद की कंपनी ओप्रा विंफ्रे नेटवर्क शुरू किया है। ओप्रा की कंपनी हार्पो ब्राडिंग के काम में है। ड्यूपॉन्ट की चेयरमैन और सीईओ एलेन की कंपनी ने मंदी के दौर में जबरदस्त कमाई की। कंपनी के प्रोडक्ट टेफलॉन और पेंट की डिमांड इस दौरान खूब रही। जब दुनिया की अर्थव्यवस्था का हाल सुधरा तो, ड्यूपॉन्ट ने भी उसी लिहाज से अपनी रणनीति बदल ली। जिससे रेवेन्यू में कोई कमी नहीं हो। कंपनी की सभी बिजनेस यूनिट में बिक्री जोरदार बढ़ी है। और ड्यूपॉन्ट फिर से हायरिंग मोड में आ गई है। 53 साल की गिन्नी ने प्रभावशाली महिलाओं की दुनिया में अपनी हैसियत तेजी से बढ़ाई है। पिछले साल के 11वें नंबर से उछलकर गिन्नी आठवें नंबर पर आ गई है। कंपनी के स्टॉक की कीमत में S&P पर रिकॉर्ड मजबूती देखने को मिली और उसका सीधा फायदा गिन्नी की हैसियत में हुआ। जुलाई में गिन्नी के जिम्मे सेल्स के साथ मार्केटिंग औऱ स्ट्रैटेजी का काम भी आ गया। इसके बाद ये अनुमान लगाया जाने लगा था कि वो IBM के CEO सैम की उत्तराधिकारी हो सकती हैं। उर्सुला की तरक्की की कहानी बिल्कुल फिल्मी है। फोटोकॉपियर की दुनिया के सबसे मशहूर ब्रांड जेरॉक्स में इंटर्न के तौर पर करियर की शुरुआत की। और, आज उसी कंपनी की चेयरमैन और सीईओ हैं। उर्सुला पिछले साल भी दुनिया की सबसे प्रभावशाली महिलाओं की लिस्ट में नौवें नंबर पर थीं। उर्सुला इस समय अमेरिकन एक्सप्रेस में बोर्ड मेंबर भी हैं। जेरॉक्स को उर्सुला ने दुनिया की सबसे बड़ी बिजनेस प्रॉसेस और डॉक्युमेंट मैनेजमेंट फर्म बना दिया है। कंपनी का रेवेन्यू 22 बिलियन डॉलर पर पहुंच गया है। याहू की प्रेसिडेंट औऱ सीईओ कारोल की हैसियत थोड़ी घटी है। पिछले साल दुनिया की प्रभावशाली महिलाओं में आंठवें नंबर पर रही कारोल इस साल दसवें नंबर पर हैं। कारोल को गद्दी संभाले अभी डेढ़ साल हुआ है लेकिन, उन्हें ढेर सारी आलोचनाओं का शिकार होना पड़ा है। कारोल की अगुवाई में नोकिया और माइक्रोसॉफ्ट के साथ शानदार सौदे भी निवेशकों का मन नहीं जीत सके हैं। कंपनी का शेयर इस साल 15% चढ़ा है। भारत के धनकुबेरों में रिलायंस चेयरमैन मुकेश अंबानी नंबर एक पर बने हुए हैं। ये सूची जारी करने वाली फोर्ब्स का ये भी मानना है कि 2014 तक मुकेश अंबानी दुनिया के सबसे अमीर बन जाएंगे। फिलहाल इस दौड़ में उनके छोटे भाई अनिल अंबानी काफी पिछड़ गए हैं। रतन टाटा को दस सबसे अमीर लोगों की सूची में जगह नहीं मिल सकी है।
देश के रईसों की लिस्ट में मुकेश अंबानी नंबर वन पर बने हुए है। फोर्ब्स ने भारत के 40 बड़े धनकुबेरों की लिस्ट जारी की। फोर्ब्स मैगजीन के मुताबिक भारत में 100 अमीरों की कुल संपत्ति 300 बिलियन डॉलर यानी करीब साढ़े तेरह लाख करोड़ रुपए है। फोर्ब्स मैगजीन में शुमार टॉप 4 अमीरों के पास ही 86 बिलियन डॉलर यानी करीब तीन लाख सतासी हजार करोड़ रुपए की संपत्ति है। शेयर बाजार की जबर्दस्त उछाल और तेज आथिर्क विकास ने भारतीय अमीरों को कद और बड़ा कर दिया है। फोर्ब्स मैगजीन के मुताबिक भारत में धनकुबेरों की तादाद बढ़ती जा रही है। अब उनहत्तर ऐसे लोग हैं जिनके पास एक अरब डॉलर से ज्यादा की संपत्ति है। पिछले साल से ये सत्रह ज्यादा है।
सबसे दौलतमंद भारतीय की कुर्सी अभी भी मुकेश अंबानी के पास ही है। उनके पास 27 अरब डॉलर यानी 121500 करोड़ रुपए की संपत्ति है। मुकेश अंबानी लगातार तीन सालों से रइसों के लिस्ट में सबसे ऊपर बने हुए है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी के पास कंपनी की 48 परसेंट हिस्सेदारी है। वहीं रिलायंस इंडस्ट्रीज भारत में प्राइवेट सेक्टर की सबसे बड़ी कंपनी है जो फॉर्च्यून 500 में शुमार है। फोर्ब्स की फेहरिस्त में नंबर दो की पोजीशन पर हैं स्टील किंग लक्ष्मी निवास मित्तल। मित्तल के पास एक लाख 17 हजार करोड़ रुपए की दौलत है। राजस्थान के चूरु जीले में जन्मे लक्ष्मी निवास मित्तल की कर्मस्थली लंदन रही है। वे दुनिया के दूसरे सबसे धनी भारतीय, ब्रिटेन के सबसे धनी एशियाई और विश्व के पांचवें सबसे धनी व्यक्ति है। लक्ष्मी निवास मित्तल के ग्रुप का सबसे बड़ा कारोबार स्टील का है। हालांकि लक्ष्मी मित्तल ने अभी तक भारतीय नागरिकता नहीं छोड़ी है। नंबर 3 पर हैं विप्रो के अजीज प्रेमजी। जिनकी संपत्ति 79 हजार दो सौ करोड़ रुपए हो गई है। भारत के बिल गेट्स कहे जाने वाले अजीम प्रेमजी सॉफटवेयर बनाने वाली कंपनी विप्रो के अध्यक्ष हैं। फोर्ब्स के अनुसार माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स की तरह प्रेमजी की भी अपने जीवनकाल के दौरान ज्यादातर धन दान करने की योजना है। वो जहां तीसरे सबसे अमीर भारतीय हैं वहीं दुनिया के अमीरों की सूची में प्रेमजी का 28वां स्थान है। उनके पास 17 अरब डॉलर से ज्यादा की संपत्ति है। रईसजादों की लिस्ट में अगला नंबर है एस्सार ग्रुप के शशि और रवि रुइया का। एस्सार एनर्जी के IPO के दम पर इन्होंने अपनी दौलत की रैकिंग को सुधारते हुए 67 हजार पांच सौ करोड़ रुपए के साथ नंबर 4 पर है। एस्सार ग्रुप लंदन स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड है। यह विदेशी स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट होने वाली अब तक की सबसे बड़ी भारतीय कंपनी है। एस्सार ग्रुप तेल और गैस उत्पादन से लेकर इस्पात निर्माण और शिपिंग के कारोबार से जुड़ी है। जिंदल ग्रुप की सावित्री जिंदल 64 हजार आठ सौ करोड़ रुपए के साथ 5वें स्थान पर हैं। सावित्री जिंदल हिसार की विधायक और पूर्वमंत्री भी रह चुकी हैं। जिंदल ग्रुप की चेयरपर्सन सावित्री जिंदल ने एक बार फिर दुनिया के धनवानों की लिस्ट में डंका बजाया है। सावित्री जिंदल देश में सबसे सबसे अमीर औरत हैं। उनके खाते में हैं साढ़े चौदह अरब डालर की संपत्ति है। चार उद्योगपति बेटों की मां सावित्री जिंदल को 2005 में अपने पति ओपी जिंदल की हेलीकाप्टर दुर्घटना में मृत्यु के बाद उन्हें न सिर्फ जिंदल समूह के चेयरपर्सन का पद संभालना पड़ा बल्कि राजनीतिक विरासत भी आगे बढ़ाने के लिए घर के बाहर कदम रखना पड़ा। छोटे अंबानी दौलत के मामले में काफी पिछड़ गए है। 59 हजार 850 करोड़ रुपए के साथ वो नंबर 6 पर है। अनिल अंबानी रिलायंस कम्युनिकेशंस, रिलायंस कैपिटल , रिलायंस एनर्जी और रिलायंस नेचुरल रिसोर्सेज लिमिटेड है। हालांकि बड़े भैया मुकेश अंबानी से अलग होने के बाद पैसे के मामले में भी काफी पीछे छूट गए हैं। वहीं भारतीय पूंजी बाजार में बहुत सारे वित्तीय सुधार लाने का श्रेय अनिल अंबानी को ही जाता है। नंबर 7 में अदानी ग्रुप के गौतम अदानी का नाम शुमार है। जिनके पास 48 हजार 150 करोड़ रुपए की दौलत है। गौतम अदानी का जन्म गुजराती फैमली में हुआ है। अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर पाने का गौतम अदानी को आज भी मलाल है। गौतम अदानी ने कारोबार की शुरुआत पीवीसी के इंपोर्ट से किया था। हालांकि इससे पहले उन्होंने नौकरी भी किया था। नंबर 8 पर हैं DLF के के पी सिंह। जिनकी कुल संपत्ति है 41 हजार चार सौ करोड़ रुपए। के पी सिंह भारत के सबसे बड़े रियल एस्टेट कंपनी डीएलएफ के चेयरमैन हैं। वहीं इस फेहरिस्त में नौंवे पायदान पर हैं भारती ग्रुप के CEO सुनील मित्तल। सुनील मित्तल की कुल संपतिति 38 हजार सात सौ करोड़ रुपए है। वहीं फोर्ब्स ने दसवें पायदान पर कुमार मंगलम बिड़ला को रखा है। इनकी संपत्ति 38 हजार 250 करोड़ रुपए है। आदित्य बिड़ला के बेटे और आदित्य बिड़ला ग्रुप के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला। भारत के सौ सबसे अमीर लोगों की कुल संपत्ति तीन सौ अरब डॉलर है और अगर ये सब अपनी आधी संपत्ति भी दान कर दें तो तीस बार कॉमनवेल्थ गेम आयोजित किए जा सकते हैं। या फिर तैंतीस शहरों में मेट्रो सर्विस शुरू हो सकती है। दुनिया के अमीर हों या फिर दुनिया की प्रभावशाली महिलाएं हर जगह भारत का रुतबा बढ़ रहा है। गोल दुनिया का आर्थिक समीकरण अब पश्चिम से बदलकर पूरब की तरफ बढ़ रहा है। एशियाई देशों और अफ्रीका के बड़े कारोबारी दुनिया को पीछे छोड़ने की रेस में आगे निकलते दिख रहे हैं। और, 2014 तक तो खुद फोर्ब्स ही कह रहा है कि मुकेश अंबानी के पास दुनिया में सबसे ज्यादा संपत्ति हो जाएगी। तो, आप भी इस बदलती दुनिया में अपनी हिस्सेदारी की योजना बनाइए।
Tuesday, 18 January 2011
ऑल इज वेल - अनिल अंबानी
सेबी ने हथौड़ा चलाया और अनिल अंबानी की कंपनियों पर जुर्माना लगा दिया। सामूहिक रूप से 50 करोड़ रुपए जुर्माना भी किया गया है। सेबी ने अनिल अंबानी को आदेश दिया है कि वे और उनके दो डायरेक्टर शेयर बाज़ारों में दिसंबर 2011 तक पैसे नहीं लगाएंगे। उनकी दो कंपनियों रिलायंस इन्फ्रा और रिलायंस नैचुरल रिसोर्सेज लिमिटेड पर भी रोक लगा दी गई है कि वे दिसंबर 2012 तक शेयर बाज़ार में निवेश न करें। ये सिर्फ म्युचअल फंड और प्राइमरी मार्केट में पैसे लगा सकते हैं। फंड के कथित दुरुपयोग के मामले में ग्रुप और सेबी के बीच समझौते के बाद इन कंपनियों के शेयरों के भाव में सोमवार को गिरावट आई। इस सेटलमेंट के तहत ग्रुप को 50 करोड़ रुपए के कॉन्सेंट चार्ज का भुगतान करना पड़ा। इस खबर से निवेशकों का अनिल अंबानी ग्रुप की कंपनियों पर भरोसा कमजोर हुआ, जिसका असर सोमवार को शेयर बाजार में नजर आया। एडीएजी की सभी छह लिस्टेड कंपनियों के मार्केट कैप में सोमवार को 6,500 करोड़ रुपए की गिरावट आई। रिलायंस इंफ्रा के शेयर करीब दस परसेंट गिरकर 700 रुपए पर बंद हुए। वहीं रिलायंस कम्युनिकेशंस के शेयर में पांच परसेंट की गिरावट आई। रिलायंस कैपिटल भी सात परसेंट गिरकर बंद हुआ। पिछले एक साल में इन कंपनियों का सबसे खराब प्रदर्शन रहा है। वहीं एडीएजी की कंपनियों को लेकर बाजार में सेंटीमेंट आगे भी कमजोर बने रहने के आसार नजर आ रहे हैं। हालांकि, अच्छी बात यह है कि कंपनियों के फंड जुटाने पर किसी तरह की कानूनी पाबंदी नहीं लगी है। इतना होने के बावजूद अनिल अंबानी कह रहे हैं ऑल इस वेल। अब वाकाई सब ठीक है या नहीं ये तो आप देख ही रहे हैं।
Monday, 17 January 2011
Parliament House Canteen Food Rates
Tea Re. 1
Soup Rs.5.50
Dal - one katori Rs.1.50
Veg thali (dal, subzi,4 chapatis, rice/pulao, curd and salad) Rs.12.50
Non-veg thali Rs.22
Curd rice Rs.11
Veg pulao Rs.8
Chicken biryani Rs.34
Fish curry and rice Rs.13
Rajma rice Rs.7
Tomato rice Rs.7
Fish fry Rs.17
Chicken curry Rs.20.50
Chicken masala Rs.24.50
Butter chicken Rs.27
Chapati Re.1 a piece
One plate rice Rs.2
Dosa Rs.4
Kheer - one katori Rs.5.50
Fruit cake Rs.9.50
Fruit salad Rs.7
Tea Re. 1
Soup Rs.5.50
Dal - one katori Rs.1.50
Veg thali (dal, subzi,4 chapatis, rice/pulao, curd and salad) Rs.12.50
Non-veg thali Rs.22
Curd rice Rs.11
Veg pulao Rs.8
Chicken biryani Rs.34
Fish curry and rice Rs.13
Rajma rice Rs.7
Tomato rice Rs.7
Fish fry Rs.17
Chicken curry Rs.20.50
Chicken masala Rs.24.50
Butter chicken Rs.27
Chapati Re.1 a piece
One plate rice Rs.2
Dosa Rs.4
Kheer - one katori Rs.5.50
Fruit cake Rs.9.50
Fruit salad Rs.7
If the cost price of petrol per litre is Rs 58.90, following is the break up of cost calculated by the government.
Basic Price: Rs 28.93
Excise duty: Rs 14.35
Education Tax: Rs 0.43
Dealer commission: Rs 1.05
VAT: Rs 5.5
Crude Oil Custom duty: Rs 1.1
Petrol Custom: Rs 1.54
Transportation Charge: Rs 6.00
Total price: Rs 58.90
भारत के योद्धा
आंखे ऊंची कर देख शिखर, हथियार उठा, तु दिखा हुनर.....
मुट्ठी में है तेरी ताकत, दुश्मन की लाई है आफत
तू लगा दांव, तू लगा दांव, तू लगा दांव, तू लगा पेंच
तू दिखा तेज, तू दिखा तेज,
लाखों धड़कन की जान है तू,
लाखों दिन की शान है तू
तू लगा जोर, तू लगा जोर,
तू मचा शोर
इक महावीर संतान है तू
न देश युद्ध, न धर्म युद्ध
ये है घरती पर कर्मयुद्ध कर्मयुद्ध कर्मयुद्ध कर्मयुद्ध
टीम इंडिया के उन 15 खिलाड़ियों का चयन हो गया है जो भारत की दावेदारी पेश करेंगे। किन खिलाड़ियों को इसका जिम्मा सौंपा गया है...
महेंद्र सिंह धोनी
टीम इंडिया के अब तक के सबसे बेहतरीन कप्तानों में से एक महेंद्र सिंह धोनी पर वो जिम्मेदारी है जिससे देश में धर्म कहे जाने वाले क्रिकेट के खेल से जुड़ी है। बेहतरीन कप्तानी रिकॉर्ड के साथ माही ने अपने बल्लेबाजी से भी निराश नहीं किया है। हालांकि उन्होंने पिछले 12 महीनों वैसी आतिशी पारियां नहीं खेली हैं जिनके लिए वे जाने जाते हैं लेकिन विषम परिस्थितियों में जिस सूझबूझ के साथ उन्होंने बल्लेबाजी और टीम की कप्तानी की है ऐसे में उनसे उम्मीदें रखना गलत नहीं होगा।
वीरेन्द्र सहवाग
वीरू के आक्रमक तेवर किसी भी गेंदबाज का रिकॉर्ड खराब करने की क्षमता रखते हैं। वीरू यदि शुरुआती 10 ओवर भी क्रीज पर जम जदाएं तो मैच का रुख भारत की ओर मुड़ना निश्चित है। वनडे करियर में 100 का स्ट्राइक रेट अपने आप में एक अनूठा कीर्तिमान है, जो वीरू के नाम है।
वीरू के आक्रमक तेवर किसी भी गेंदबाज का रिकॉर्ड खराब करने की क्षमता रखते हैं। वीरू यदि शुरुआती 10 ओवर भी क्रीज पर जम जदाएं तो मैच का रुख भारत की ओर मुड़ना निश्चित है। वनडे करियर में 100 का स्ट्राइक रेट अपने आप में एक अनूठा कीर्तिमान है, जो वीरू के नाम है।
सचिन तेंदुलकर
मास्टर ब्लास्टर के बिना भारत में केले जाने वाले इस विश्वकप की कल्पना भी नहीं की जा सकती थी। मास्टर ब्लास्टर भले ही चोटिल होने के कारण साउथ अफ्रीका के खेले जा रहे वनडे सीरीज के बीच से स्वदेश लौट गए हैं फिर भी भारतीय महाद्वीप में उनके प्रदर्शन पर किसी तरह का सवाल का नहीं उठता। भारतीय टीम की वर्ल्ड कप जीतने की दावेदारी में सबसे अहम भूमिका क्रिकेट के भगवान की ही होगी।
मास्टर ब्लास्टर के बिना भारत में केले जाने वाले इस विश्वकप की कल्पना भी नहीं की जा सकती थी। मास्टर ब्लास्टर भले ही चोटिल होने के कारण साउथ अफ्रीका के खेले जा रहे वनडे सीरीज के बीच से स्वदेश लौट गए हैं फिर भी भारतीय महाद्वीप में उनके प्रदर्शन पर किसी तरह का सवाल का नहीं उठता। भारतीय टीम की वर्ल्ड कप जीतने की दावेदारी में सबसे अहम भूमिका क्रिकेट के भगवान की ही होगी।
गौतम गंभीर
सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर को पिछले 5 सालों में भारतीय टीम की सबसे बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। विश्व कप के हर मैच में सहवाग के साथ गौती की जोड़ी का खरा उतरना भारत के लिए बहुत जरूरी है।
सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर को पिछले 5 सालों में भारतीय टीम की सबसे बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। विश्व कप के हर मैच में सहवाग के साथ गौती की जोड़ी का खरा उतरना भारत के लिए बहुत जरूरी है।
युवराज सिंह
युवी को यूं ही देश का सबसे प्रतिभाशाली क्रिकेटर नहीं कहा जाता। जोहानिसबर्ग वनडे मुकाबले में फॉर्म में वापसी करते हुए युवराज ने टीम चयन से ठीक पहले यह साबित कर दिया था कि वे अब भी भारत के मध्यक्रम बल्लेबाजी की जान हैं। बेहतरीन फिल्डर होने के अलावा भारतीय उपमहाद्वीप की धीमी पिचों पर उनकी गेंदबाजी भी टीम के काम आएगी।
युवी को यूं ही देश का सबसे प्रतिभाशाली क्रिकेटर नहीं कहा जाता। जोहानिसबर्ग वनडे मुकाबले में फॉर्म में वापसी करते हुए युवराज ने टीम चयन से ठीक पहले यह साबित कर दिया था कि वे अब भी भारत के मध्यक्रम बल्लेबाजी की जान हैं। बेहतरीन फिल्डर होने के अलावा भारतीय उपमहाद्वीप की धीमी पिचों पर उनकी गेंदबाजी भी टीम के काम आएगी।
यूसुफ पठान
10 गेंदों के अंदर बॉलरों की बखिया उधेड़ने वाले इस विस्फोटक बल्लेबाज ने न्यूजीलैंड के खिलाफ शतकीय पारी के दौरान अपनी वही छवि दिखाई जिसके लिए वे घरेलू क्रिकेट में मशहूर हैं। हालांकि उनकी बल्लेबाजी में भी कई तकनीकी खामियां भी हैं लेकिन उनका घरेलू पिचों का अनुभव टीम के लिए फायदेमंद का साबित हो सकता है।
10 गेंदों के अंदर बॉलरों की बखिया उधेड़ने वाले इस विस्फोटक बल्लेबाज ने न्यूजीलैंड के खिलाफ शतकीय पारी के दौरान अपनी वही छवि दिखाई जिसके लिए वे घरेलू क्रिकेट में मशहूर हैं। हालांकि उनकी बल्लेबाजी में भी कई तकनीकी खामियां भी हैं लेकिन उनका घरेलू पिचों का अनुभव टीम के लिए फायदेमंद का साबित हो सकता है।
विराट कोहली
IPL और अंडर-19 वर्ल्ड कप में अपने अच्छे प्रदर्शन के बल पर टीम इंडिया में जगह बनाने वाले दिल्ली के इस बल्लेबाज ने चयनकर्ताओं को फैसले को सही साबित किया है। प्वांइट क्षेत्र में बेहतरीन फील्डर होने के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर पार्ट टाइम गेंदबाज के भूमिका भी निभा सकते हैं कोहली।
IPL और अंडर-19 वर्ल्ड कप में अपने अच्छे प्रदर्शन के बल पर टीम इंडिया में जगह बनाने वाले दिल्ली के इस बल्लेबाज ने चयनकर्ताओं को फैसले को सही साबित किया है। प्वांइट क्षेत्र में बेहतरीन फील्डर होने के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर पार्ट टाइम गेंदबाज के भूमिका भी निभा सकते हैं कोहली।
सुरेश रैना
निचले मध्यक्रम में तेज गति से रन बनाने के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर पारी संभालने के लिए मशहूर उत्तर प्रदेश के इस बल्लेबाज से वर्ल्ड कप में भी बहुत उम्मीदें हैं। साउथ अफ्रीका के बाउंसी विकेटों पर भले ही उनकी तकनीकी खामियां उजागर हुईं हैं लेकिन भारतीय उपमहाद्वीप में परिस्थितियां दूसरी होंगी जो उनके बल्लेबाजी के अनुकूल है।
निचले मध्यक्रम में तेज गति से रन बनाने के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर पारी संभालने के लिए मशहूर उत्तर प्रदेश के इस बल्लेबाज से वर्ल्ड कप में भी बहुत उम्मीदें हैं। साउथ अफ्रीका के बाउंसी विकेटों पर भले ही उनकी तकनीकी खामियां उजागर हुईं हैं लेकिन भारतीय उपमहाद्वीप में परिस्थितियां दूसरी होंगी जो उनके बल्लेबाजी के अनुकूल है।
हरभजन सिंह
भारतीय उपमहाद्वीप की धीमी पिचों पर किसी गेंदबाज से बेहतरीन प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है तो उसमें हरभजन सिंह का नाम सबसे आगे है। क्योंकि उनकी फिरकी का जादू चलने के लिए जैसी परिस्थितियों की जरूरत है वर्ल्ड कप के दौरान कुछ ऐसी ही अनुकूल पिचें मिलेंगी। इसके अलावा हालिया दिनों उनकी बल्लेबाजी जबरदस्त सुधार देखने को मिला जो टीम के लिए शुभ संकेत हैं।
भारतीय उपमहाद्वीप की धीमी पिचों पर किसी गेंदबाज से बेहतरीन प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है तो उसमें हरभजन सिंह का नाम सबसे आगे है। क्योंकि उनकी फिरकी का जादू चलने के लिए जैसी परिस्थितियों की जरूरत है वर्ल्ड कप के दौरान कुछ ऐसी ही अनुकूल पिचें मिलेंगी। इसके अलावा हालिया दिनों उनकी बल्लेबाजी जबरदस्त सुधार देखने को मिला जो टीम के लिए शुभ संकेत हैं।
जहीर खान
गेंदबाजी आक्रमण की कमान जहीर खान के मजबूत कंधों पर है। भले ही वे अन्य तेज गेंदबाजों की तरह अपने गेंद की गतियों से बल्लेबाजों का परेशान न करते हों पर चतुराई के मामले उनका कोई जवाब नहीं है। इनस्विंगर, आउट स्विंगर, ऑफ कटर, लेगकटर, धीमी गेंद और बाउंसर, उनकी तरकश इतने तीर हैं जो किसी भी बल्लेबाज का रिकॉर्ड खराब कर दे।
गेंदबाजी आक्रमण की कमान जहीर खान के मजबूत कंधों पर है। भले ही वे अन्य तेज गेंदबाजों की तरह अपने गेंद की गतियों से बल्लेबाजों का परेशान न करते हों पर चतुराई के मामले उनका कोई जवाब नहीं है। इनस्विंगर, आउट स्विंगर, ऑफ कटर, लेगकटर, धीमी गेंद और बाउंसर, उनकी तरकश इतने तीर हैं जो किसी भी बल्लेबाज का रिकॉर्ड खराब कर दे।
मुनाफ पटेल
तेज गेंदबाज मुनाफ पटेल भारतीय टीम के लिए बेशक कुछ ज्यादा मैच न खेल सके हों लेकिन वर्ल्ड कप में उनका जोश सीनियर खिलाड़ियों के साथ टीम को आगे ले जाने में मददगार साबित होगा।
तेज गेंदबाज मुनाफ पटेल भारतीय टीम के लिए बेशक कुछ ज्यादा मैच न खेल सके हों लेकिन वर्ल्ड कप में उनका जोश सीनियर खिलाड़ियों के साथ टीम को आगे ले जाने में मददगार साबित होगा।
आशीष नेहरा
आशीष नेहरा को इस बार विश्वकप की टीम में चौथे गेंदबाज के रूप में चुना गया है। नेहरा का अनुभव टीम की गेंदबाजी को धार देने में सहायक सिद्ध होगा।
आशीष नेहरा को इस बार विश्वकप की टीम में चौथे गेंदबाज के रूप में चुना गया है। नेहरा का अनुभव टीम की गेंदबाजी को धार देने में सहायक सिद्ध होगा।
प्रवीण कुमार
चोटिल होने की वजह से साउथ अफ्रीका में वनडे सीरीज नहीं खेल पाने वाले प्रवीण कुमार आज की तिथि में टीम के सबसे बेहतरीन स्विंग गेंदबाज हैं। उनकी गेंदबाजी में ज्यादा गति देखने को नहीं मिलती लेकिन वे जिस कसी हुई लाइन-लेंग्थ में गेंदबाजी करते हैं। उस पर विपक्षी टीम के बल्लेबाजों के लिए रन बनाना आसान नहीं होता।
चोटिल होने की वजह से साउथ अफ्रीका में वनडे सीरीज नहीं खेल पाने वाले प्रवीण कुमार आज की तिथि में टीम के सबसे बेहतरीन स्विंग गेंदबाज हैं। उनकी गेंदबाजी में ज्यादा गति देखने को नहीं मिलती लेकिन वे जिस कसी हुई लाइन-लेंग्थ में गेंदबाजी करते हैं। उस पर विपक्षी टीम के बल्लेबाजों के लिए रन बनाना आसान नहीं होता।
पीयूष चावला
एक अच्छा स्पिनर होने के बावजूद अभी तक टीम इंडिया से बाहर और अंदर होते रहे पीयूष के युवा कंधो पर अनुभवी हरभजन के साथ मिलकर देश की स्पिन गेंदबाजी को मजबूत करने की जिम्मेदारी होगी।
एक अच्छा स्पिनर होने के बावजूद अभी तक टीम इंडिया से बाहर और अंदर होते रहे पीयूष के युवा कंधो पर अनुभवी हरभजन के साथ मिलकर देश की स्पिन गेंदबाजी को मजबूत करने की जिम्मेदारी होगी।
आर अश्विन
अब तक IPL में अपनी गेंदबाजी का लोहा मनवा चुके आर अश्विन ने कई सीनियर खिलाड़ियों को पीछे छोड़ते हुए टीम में स्थान हांसिल किया है। इससे उनके बेहतर प्रदर्शन करने की उम्मीदें और बढ़ गई हैं।
अब तक IPL में अपनी गेंदबाजी का लोहा मनवा चुके आर अश्विन ने कई सीनियर खिलाड़ियों को पीछे छोड़ते हुए टीम में स्थान हांसिल किया है। इससे उनके बेहतर प्रदर्शन करने की उम्मीदें और बढ़ गई हैं।
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